इस बैठक के दौरान, रक्षा क्षेत्र में सहयोग के नए रास्ते खोजने के साथ-साथ आर्थिक और कृषि जैसे क्षेत्रों पर ज्यादा ध्यान देने पर सहमति बनी।

अहम समझौते:
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रूस की उद्योग जरूरतों के अनुसार भारत से प्रशिक्षित श्रमिकों की आपूर्ति की जाएगी।
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दोनों देशों के बीच गैर-कानूनी श्रमिकों की आवाजाही को रोकने में सहयोग।
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भारत और रूस के बीच खाद्य उत्पादों की सुरक्षा और गुणवत्ता में सहयोग होगा, जिससे भारत का रूस को निर्यात बढ़ेगा।
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भारतीय कंपनियों द्वारा रूस में उर्वरक संयंत्र लगाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
महत्वपूर्ण घोषणाएं:
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रूस के पर्यटकों को भारत में 30 दिनों के लिए ई-वीजा दिया जाएगा।
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रूस के नागरिकों को समूहों में पर्यटन वीजा प्रदान किया जाएगा।
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वर्ष 2030 तक भारत-रूस के आर्थिक सहयोग के तहत विशेष प्रोग्राम की शुरुआत की जाएगी।
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भारत-रूस संबंधों की दिशा में बदलाव:
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दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय कारोबार को बढ़ाने के लिए 2030 तक 100 अरब डॉलर का लक्ष्य रखा।
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एफटीए (मुक्त व्यापार समझौता) वार्ता तेज़ करने पर दिया ज़ोर।
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आतंकवाद के खिलाफ जीरो-टालरेंस नीति पर बल दिया गया, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी की लगातार उठाई जाने वाली आवाज को पुतिन का समर्थन मिला।
नवीनतम पहल: