India ने पाकिस्तान के आरोपों को किया खारिज, जताई कड़ी प्रतिक्रिया

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India ने पाकिस्तान के उस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि भारत ने श्रीलंका के लिए मानवीय सहायता ले जा रहे विमान को उड़ान अनुमति देने में देरी की। पाकिस्तान ने दावा किया था कि भारत ने सहायता भेजने वाले विमान की उड़ान में देरी की, जिससे श्रीलंका को समय पर मदद नहीं मिल पाई। हालांकि, भारत ने इन आरोपों को बेतुका करार दिया और कहा कि पाकिस्तान का उद्देश्य केवल गलत सूचना फैलाना है।

पाकिस्तान का आरोप

पाकिस्तान ने यह आरोप लगाया कि India ने श्रीलंका के लिए मानवीय सहायता ले जा रहे विमान की उड़ान अनुमति देने में देरी की, जिससे उस समय श्रीलंका को हो रही गंभीर मानवीय और आर्थिक संकट में देरी से मदद मिली। पाकिस्तान का कहना था कि भारत की यह कार्रवाई श्रीलंका की सहायता में नकारात्मक भूमिका अदा कर रही थी। यह आरोप पाकिस्तान ने उस समय उठाया, जब श्रीलंका आर्थिक संकट से जूझ रहा है और उसे आवश्यक वस्तुओं, दवाओं और खाद्य सामग्री की भारी कमी हो रही है।

India की प्रतिक्रिया: झूठे आरोपों का सख्त खंडन

भारत ने पाकिस्तान के आरोपों का खंडन करते हुए उन्हें पूरी तरह से बेबुनियाद और झूठा करार दिया। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने इन आरोपों को “बेतुका” बताया और पाकिस्तान पर यह आरोप लगाया कि वह भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैला रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का बयान भारत के खिलाफ गलत सूचना फैलाने का एक और प्रयास है।

भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान से 1 दिसंबर 2025 को दोपहर लगभग 1 बजे उड़ान अनुमति की मांग प्राप्त हुई थी। मानवीय सहायता की तात्कालिकता को ध्यान में रखते हुए भारत ने उसी दिन, शाम 5:30 बजे तक अनुमति प्रदान की, जो विमान के प्रस्तावित यात्रा कार्यक्रम के अनुसार था।

भारत ने पाकिस्तान के आरोपों का विरोध करते हुए यह बताया कि विमान की उड़ान अनुमति इतनी तेजी से दी गई कि वह पाकिस्तान के आरोपों के ठीक विपरीत है। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के बयान को न केवल तथ्यों के खिलाफ बताया, बल्कि इसे जानबूझकर भ्रामक जानकारी फैलाने की कोशिश भी कहा।

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मानवीय सहायता की अहमियत

India ने हमेशा श्रीलंका के लिए समर्थन व्यक्त किया है, विशेष रूप से संकट के समय। श्रीलंका की आर्थिक स्थिति हाल ही में और अधिक खराब हो गई है, जिसमें मुद्रास्फीति, ईंधन की कमी और अन्य बुनियादी चीजों की भारी किल्लत शामिल है। एक पड़ोसी और क्षेत्रीय शक्ति के रूप में, भारत ने श्रीलंका को समय-समय पर आर्थिक और मानवीय सहायता प्रदान की है।

पाकिस्तान द्वारा उठाए गए आरोप उस मानवीय सहायता को लेकर थे, जो खाद्य, दवाइयाँ और अन्य आवश्यक सामग्री लेकर श्रीलंका भेजी जा रही थी। भारत का रुख हमेशा यही रहा है कि वह श्रीलंका की कठिनाईयों में उसकी मदद करेगा, और उसका यह समर्थन किसी भी बाहरी राजनीतिक दबाव से प्रभावित नहीं होगा।

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पाकिस्तान का उद्देश्य: गलत सूचना फैलाना?

भारत ने जोर दिया कि पाकिस्तान के आरोप न केवल गलत हैं, बल्कि यह पूरी तरह से गलत सूचना फैलाने की एक कोशिश है। भारत ने यह भी बताया कि वह श्रीलंका को मानवीय सहायता प्रदान करने में पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भारत का यह कदम श्रीलंका के लोगों की मदद करने के लिए पूरी तरह से मानवीय है, और कोई भी राजनीतिक एजेंडा इसे प्रभावित नहीं करेगा।

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