नागपुर के विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले गए भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले ने क्रिकेट प्रेमियों को भरपूर रोमांच दिया। 400 से ज्यादा रनों वाले इस हाई-स्कोरिंग मैच में टीम इंडिया ने आक्रामक बल्लेबाज़ी, सधी हुई गेंदबाज़ी और बेहतरीन रणनीति के दम पर न्यूजीलैंड को 48 रनों से शिकस्त दी। इस जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की अहम बढ़त बना ली। इस मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण रहे युवा बल्लेबाज़ अभिषेक शर्मा, जिनकी विस्फोटक पारी ने मैच की दिशा पूरी तरह बदल दी, जबकि अंत में रिंकू सिंह ने अपने चिर-परिचित फिनिशिंग टच से भारत को विशाल स्कोर तक पहुंचाया।
खराब शुरुआत, लेकिन जबरदस्त पलटवार
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत कुछ खास नहीं रही। संजू सैमसन 10 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए। दो साल बाद टी20 टीम में वापसी कर रहे ईशान किशन से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन उनका कमबैक फीका रहा। जैकब डफी की गेंद पर वह महज 5 गेंदों में 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। एक समय भारत का स्कोर सिर्फ 27/2 था और न्यूजीलैंड के गेंदबाज़ों का पलड़ा भारी लग रहा था। लेकिन इसके बाद मैदान पर आया वह तूफान, जिसने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।
अभिषेक-सूर्या की साझेदारी ने बदला खेल
तीसरे विकेट के लिए अभिषेक शर्मा और सूर्यकुमार यादव ने मिलकर न्यूजीलैंड के गेंदबाज़ों पर जबरदस्त दबाव बना दिया। अभिषेक ने शुरू से ही आक्रामक रवैया अपनाया और मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट्स लगाए। उन्होंने महज 22 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में न्यूजीलैंड के खिलाफ किसी भी भारतीय बल्लेबाज़ की सबसे तेज़ फिफ्टी है। इसी पारी के दौरान अभिषेक ने अपने 5000 टी20 रन भी पूरे किए, जो उनके करियर की एक बड़ी उपलब्धि है।
अभिषेक ने 35 गेंदों पर 84 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 5 चौके और 8 लंबे छक्के शामिल थे। उनका स्ट्राइक रेट 240 से भी ज्यादा रहा, जिसने कीवी गेंदबाज़ों की लय पूरी तरह बिगाड़ दी।
दूसरे छोर पर कप्तान सूर्यकुमार यादव ने शानदार तालमेल बैठाया। उन्होंने 22 गेंदों पर 32 रन बनाए। हालांकि उनका टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक का इंतज़ार 23 पारियों तक और बढ़ गया, लेकिन इस दौरान वह 9000 टी20 रन पूरे करने वाले चौथे भारतीय बल्लेबाज़ बन गए।
दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए हुई 99 रनों की साझेदारी ने भारत के बड़े स्कोर की मजबूत नींव रखी।
रिंकू सिंह का भरोसेमंद फिनिश
अभिषेक और सूर्यकुमार के आउट होने के बाद भारत को डेथ ओवर्स में तेज़ रन चाहिए थे। ऐसे मौके पर एक बार फिर रिंकू सिंह ने साबित किया कि क्यों उन्हें टीम इंडिया का सबसे भरोसेमंद फिनिशर माना जाता है। रिंकू ने महज 20 गेंदों पर नाबाद 44 रन ठोके और आखिरी ओवरों में रन रेट को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। उनके साथ हार्दिक पंड्या ने भी 16 गेंदों में 25 रनों की तेज़ पारी खेली। इन सभी योगदानों के दम पर भारत ने 20 ओवर में 238/7 का विशाल और रिकॉर्ड स्कोर खड़ा किया।
अर्शदीप-हार्दिक की जादुई शुरुआत
239 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम शुरुआत से ही दबाव में दिखी। अर्शदीप सिंह ने पहले ही ओवर में डेवोन कॉनवे को बिना खाता खोले आउट कर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। इसके बाद हार्दिक पंड्या ने रचिन रवींद्र को गलत शॉट खेलने पर मजबूर किया। महज 1.3 ओवर में 2 विकेट गिरने से कीवी बल्लेबाज़ों की रणनीति पूरी तरह बिगड़ गई।
फिलिप्स की जुझारू पारी, लेकिन नाकाफी
न्यूजीलैंड की ओर से ग्लेन फिलिप्स ने संघर्ष जरूर किया। उन्होंने मार्क चैपमैन के साथ मिलकर 42 गेंदों में 79 रनों की साझेदारी की और कुछ देर के लिए मुकाबले को रोमांचक बना दिया। फिलिप्स ने 29 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और 40 गेंदों पर 78 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 6 छक्के शामिल थे। लेकिन बढ़ता रन रेट और लगातार गिरते विकेट न्यूजीलैंड के लिए बहुत बड़ा बोझ बन गए।
भारत ने क्लिनिकल अंदाज़ में किया मैच खत्म
मैच का टर्निंग पॉइंट 14वां ओवर रहा, जब अक्षर पटेल ने ग्लेन फिलिप्स को आउट कर न्यूजीलैंड की आखिरी उम्मीद भी तोड़ दी। उस समय कीवी टीम को 39 गेंदों में 108 रन चाहिए थे, जो लगभग नामुमकिन था। भारत की गेंदबाज़ी पूरी तरह संतुलित रही। वरुण चक्रवर्ती और शिवम दुबे ने दो-दो विकेट झटके। दुबे हैट्रिक पर भी थे, लेकिन काइल जैमीसन ने उन्हें यह उपलब्धि हासिल नहीं करने दी।
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टीम इंडिया को मिले कई पॉजिटिव संकेत
इस मुकाबले से भारत को कई सकारात्मक पहलू मिले—
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अभिषेक शर्मा का निडर और आक्रामक अंदाज़
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रिंकू सिंह की निरंतर फिनिशिंग क्षमता
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शुरुआती ओवरों में अर्शदीप और हार्दिक की प्रभावी गेंदबाज़ी
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मध्य ओवरों में स्पिनर्स का नियंत्रण
48 रनों की इस बड़ी जीत के साथ टीम इंडिया ने न सिर्फ सीरीज में बढ़त बनाई, बल्कि 23 जनवरी को रायपुर में होने वाले दूसरे टी20 मुकाबले से पहले मनोवैज्ञानिक बढ़त भी हासिल कर ली है। नागपुर की यह जीत साफ संकेत देती है कि यह युवा भारतीय टीम भविष्य के लिए पूरी तरह तैयार है और हर मोर्चे पर विपक्षी टीमों को कड़ी चुनौती देने का माद्दा रखती है।