Winter Care Tips: सर्दियों की विदाई के साथ ही दिन में तेज धूप और सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस की जा रही है। ऐसे में लोग स्वेटर, शॉल और जैकेट को समेटकर रखने की तैयारी में जुट गए हैं। लेकिन ऊनी कपड़ों को स्टोर करते समय की गई थोड़ी-सी लापरवाही बदबू, फंगस और कीड़ों की परेशानी खड़ी कर सकती है। इसलिए इन्हें पैक करने से पहले सही तरीका जानना बेहद जरूरी है, ताकि अगली सर्दी में कपड़े सुरक्षित, साफ और पहनने लायक रहें।
पैकिंग से पहले किन बातों का रखें ध्यान
ऊनी कपड़ों को स्टोर करने से पहले यह सबसे जरूरी है कि वे पूरी तरह साफ और सूखे हों। कपड़ों में जरा-सी भी नमी रह जाने पर फंगस और बदबू पैदा हो सकती है। इन्हें तेज धूप में सुखाने के बजाय हवादार और छायादार जगह पर सुखाना बेहतर रहता है। स्टोरेज की जगह ठंडी, सूखी और हवा आने-जाने वाली होनी चाहिए। कीड़ों से बचाव के लिए नीम की पत्तियां या कपूर का इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही, कुछ महीनों के अंतराल पर कपड़ों की जांच करते रहना भी जरूरी है।
किसमें स्टोर करना है बेहतर
ऊनी कपड़ों के लिए कॉटन बैग या कपड़े का बॉक्स सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है, क्योंकि इनमें हवा का प्रवाह बना रहता है। प्लास्टिक बैग पूरी तरह एयरटाइट होते हैं और अगर उनमें जरा-सी नमी रह गई, तो फंगस का खतरा बढ़ जाता है। मजबूरी में प्लास्टिक का इस्तेमाल करना हो, तो उसमें छोटे-छोटे वेंटिलेशन होल जरूर बनाएं।
धोना क्यों जरूरी है
पैकिंग से पहले ऊनी कपड़ों को धोना इसलिए जरूरी है क्योंकि उनमें पसीना, स्किन ऑयल और खाने के सूक्ष्म कण रह जाते हैं। ये कीड़ों को आकर्षित करते हैं। बिना धोए कपड़े रखने से दाग और बदबू भी आ सकती है। साफ और सूखे कपड़े लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं और अगली सर्दी में सीधे पहने जा सकते हैं।
सही तरीके से कैसे सुखाएं
ऊनी शॉल और स्वेटर धोने के बाद उन्हें मरोड़ने की बजाय हल्के हाथ से दबाकर पानी निकालें। फिर किसी साफ कपड़े पर फैलाकर समतल सतह पर सुखाएं। तेज धूप में रखने से ऊन के फाइबर सख्त हो सकते हैं, इसलिए छायादार और हवादार जगह बेहतर रहती है। पैकिंग से पहले कम से कम 24 घंटे पूरी तरह सूखने देना चाहिए।
नेफ्थलीन जरूरी है या नहीं
सीलन से बचाव के लिए नेफ्थलीन की गोलियां डालना जरूरी नहीं है। यह कीड़े तो भगाती है, लेकिन नमी नहीं सोखती। साथ ही, इससे निकलने वाली गैस सिरदर्द, एलर्जी या सांस की समस्या भी पैदा कर सकती है। अच्छी तरह सूखे कपड़े और हवा पास होने वाले बैग सीलन से काफी हद तक बचा लेते हैं।
नेफ्थलीन के घरेलू विकल्प
अगर नेफ्थलीन से एलर्जी है, तो कपूर और नीम बेहतर विकल्प हैं। कपूर की खुशबू कीड़ों को दूर रखती है और यह एंटी-फंगल की तरह काम करता है। नीम की सूखी पत्तियां या पाउडर को कपड़े के छोटे पाउच में रखकर इस्तेमाल किया जा सकता है।
मोड़कर रखें या टांगें
ऊनी कपड़ों को मोड़कर रखना ज्यादा सही माना जाता है। हैंगर पर टांगने से कपड़े अपने वजन से खिंच सकते हैं और कंधों का शेप बिगड़ सकता है। स्वेटर, शॉल और कार्डिगन को हल्के से मोड़कर रखें। केवल हल्की ऊनी जैकेट को चौड़े और पैडेड हैंगर पर टांगा जा सकता है।
किन चीजों से रखें दूरी
ऊनी कपड़ों के साथ गीले या अधसूखे कपड़े न रखें। परफ्यूम, डियोड्रेंट या केमिकल स्प्रे पास में रखने से ऊन के फाइबर कमजोर हो सकते हैं। खाने-पीने की चीजें कीड़ों को आकर्षित करती हैं, जबकि तेज खुशबू वाले साबुन और डिटर्जेंट कपड़ों के रंग और बनावट को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
आम गलतियां और समाधान
सबसे आम गलती कपड़ों को बिना धोए या अधसूखी हालत में पैक करना है। अगर स्टोरेज के दौरान कपड़ों में बदबू या फंगस लग जाए, तो उन्हें तुरंत बाहर निकालकर खुली हवा में रखें। हल्की धूप या हवादार जगह पर सुखाएं। जरूरत पड़े तो वूलन-फ्रेंडली डिटर्जेंट से धोकर पूरी तरह सुखाएं और दोबारा स्टोर करते समय नमी सोखने वाले पाउच जरूर रखें।
यह भी पढ़ें: बच्चा पढ़ाई में मन नहीं लगाता? जानिए पढ़ाई में रुचि बढ़ाने के असरदार तरीके