गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर एकता यात्रा आयोजित की गई। इस दौरान देशभक्ति के नारे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। सीएम योगी ने खुद पदयात्रा का नेतृत्व किया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और सरदार पटेल के योगदान को याद किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गोरखपुर शहर सोमवार को एक नयनाभिराम और उत्साहपूर्ण दृश्य का साक्षी बना। यह अवसर भारत रत्न, लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित एकता यात्रा का था।

प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में 25 नवंबर तक आयोजित की जाने वाली एकता यात्रा का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने अपने गृह विधानसभा क्षेत्र गोरखपुर से किया। नगर निगम परिसर से गीता वाटिका के पास विशंभर पाठक पार्क तक यात्रा में देशभक्ति की बयार और एकता का उद्घोष पूरे मार्ग में गूंजता रहा।
सीएम योगी ने गोलघर काली मंदिर से सरदार पटेल चौराहे तक पदयात्रा का नेतृत्व किया। यात्रा का शुभारंभ करने से पहले उन्होंने नगर निगम परिसर में अपने गुरुदेव, राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन अवेद्यनाथ जी महाराज की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
इसके बाद उन्होंने नगर निगम पार्क में रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर स्वतंत्रता संग्राम की इस वीरांगना के योगदान को याद किया। मंच पर पहुंचकर उन्होंने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर भारत माता और ‘वंदे मातरम’ के महत्व को उजागर किया।
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अपने संबोधन में सीएम योगी ने सरदार पटेल और वंदे मातरम से जुड़ी कहानियों के माध्यम से जनसमूह का मार्गदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने नगर निगम के बाहर टाउनहाल पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर एकता यात्रा का औपचारिक रूप से शुभारंभ किया।
यात्रा में जलशक्ति मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधिगण भी सीएम के साथ मौजूद रहे। हाथों में तिरंगा झंडा लिए हुए हजारों लोग पदयात्रा में शामिल हुए। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ती गई, मार्ग राष्ट्रीय ध्वज के रंगों से सजा हुआ प्रतीत होता रहा।

वंदे मातरम् और भारत माता की जय के नारों ने पूरे रास्ते देशभक्ति का ज्वार पैदा किया। टाउनहाल से लेकर पटेल चौराहा तक सड़क के किनारे विभिन्न उम्र और वर्ग के लोगों ने पुष्प वर्षा कर सीएम योगी का स्वागत किया।
गोलघर के पास गांधी आश्रम में एक बालक मुख्यमंत्री का चित्र लिए खड़ा था। सीएम ने उसे पास बुलाकर आशीर्वाद दिया। यात्रा मार्ग पर जलकल बिल्डिंग, गांधी आश्रम, बलदेव प्लाजा और काली मंदिर के पास कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से अभिनंदन किया।
काली मंदिर पहुँचने पर मुख्यमंत्री ने मां काली और अन्य देवताओं का पूजन किया और मंदिर के सामने सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर यात्रा को आगे बढ़ाया।
सीएम योगी ने कहा कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर 31 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में ‘रन फॉर यूनिटी’ के रूप में राष्ट्रीय एकता दौड़ का आयोजन किया गया था।
उन्होंने बताया कि सरदार पटेल के व्यक्तित्व और कृतित्व से जुड़े कार्यक्रम जनजागरण कर रहे हैं और प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में आज से एकता यात्रा शुरू हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्रता को केवल आजाद रहने के लिए नहीं बल्कि राष्ट्र की सेवा की जिम्मेदारी समझने के रूप में देखा। उन्होंने यह संदेश भी दिया कि जिस देश का युवा जागृत रहेगा, उसे कोई गुलाम नहीं बना सकता।







