आज के दौर में जहाँ इंटरनेट ने हमारी ज़िंदगी आसान बनाई है, वहीं कुछ शातिर लोग इसका फायदा उठाकर मासूम लोगों की भावनाओं से खेल रहे हैं। उत्तर प्रदेश के Fatehpur जिले से एक ऐसी ही सनसनीखेज खबर सामने आई है, जिसने ऑनलाइन शादी के रिश्ते तलाशने वालों के होश उड़ा दिए हैं। Fatehpur पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो ‘ड्रीम पार्टनर’ और ‘परफेक्ट जोड़ी’ के नाम पर देशभर के लोगों से लाखों की ठगी कर रहा था।
यह पूरा मामला फतेहपुर नगर के देवीगंज मोहल्ले का है, जहाँ एक किराए के मकान में पिछले 18 महीनों से फर्जी कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। Fatehpur के पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में साइबर क्राइम टीम ने मंगलवार देर शाम इस ठिकाने पर छापा मारा। पुलिस को लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे कि यहाँ से यूनिक रिश्ता, विवाह गाइड और शुभमंगल जोड़ी जैसी फर्जी वेबसाइट्स के जरिए लोगों को ठगा जा रहा है। पुलिस की इस सतर्कता ने एक बड़े रैकेट का अंत कर दिया है।

ठगी का हाईटेक तरीका
पकड़े गए ठगों ने पूछताछ में बताया कि वे शादी के इच्छुक युवक-युवतियों को फंसाने के लिए लुभावने ऑफर देते थे। फतेहपुर के इस कार्यालय से वे व्हाट्सएप के जरिए बेहद आकर्षक फोटो भेजते थे, जो असल में फर्जी होती थीं। जब किसी को फोटो पसंद आ जाती, तो उन्हें बात करने के लिए एक मोबाइल नंबर दिया जाता था। गिरोह ने 2,999 रुपये से लेकर 19,999 रुपये तक के पांच अलग-अलग ‘मैरिज पैकेज’ बना रखे थे। जैसे ही पीड़ित पैसा ट्रांसफर करता, ये ठग उससे संपर्क पूरी तरह बंद कर देते थे।
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गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल
Fatehpur पुलिस ने इस मामले में धर्मेंद्र यदु (छत्तीसगढ़), अनिल कुमार (राजगढ़, एमपी), दिनेश कुमार बंजारे (छत्तीसगढ़) के साथ तीन स्थानीय महिलाओं—नीलम, श्रेया मिश्रा और तनु शर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, नीलम और श्रेया मिश्रा इस टीम में ‘टीम लीडर’ की भूमिका निभाती थीं। Fatehpur के इस कॉल सेंटर में करीब 13 अन्य महिलाएं भी पांच-पांच हजार रुपये की सैलरी पर काम कर रही थीं, जिनकी भूमिका की जांच फिलहाल पुलिस द्वारा की जा रही है।
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भारी मात्रा में सामान बरामद
छापेमारी के दौरान Fatehpur पुलिस ने मौके से 72,930 रुपये नकद, 137 एयरटेल सिम कार्ड, 7 वीआई सिम कार्ड और 25 कीपैड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा गिरोह के पास से एक हार्ड डिस्क, जियो फाइबर राउटर, सीसीटीवी कैमरा डीवीआर और बायोमैट्रिक डिवाइस जैसे उपकरण भी मिले हैं। गिरोह का सरगना अमित कुमार (आगरा) और कानपुर की एक सिम सप्लायर नंदिनी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में Fatehpur पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

कई राज्यों तक फैला था जाल
इस गिरोह का जाल केवल Fatehpur तक ही सीमित नहीं था। इनके विरुद्ध छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली, बिहार और गुजरात समेत कई राज्यों के 17 लोगों ने पहले ही ठगी की शिकायतें दर्ज करा रखी थीं। यह गिरोह हर महीने करीब पांच से छह लाख रुपये की ठगी करता था। Fatehpur एसपी ने इस गिरोह को पकड़ने वाली टीम को 15 हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया है। पुलिस अब इनके बैंक खातों और बरामद सिमों की गहराई से जांच कर रही है ताकि ठगी की कुल रकम का पता चल सके।
इस कार्रवाई से यह साफ है कि ऑनलाइन दुनिया में हर चमकती चीज़ सोना नहीं होती। वैवाहिक साइटों पर भरोसा करने से पहले उनकी पूरी तरह जांच करना बेहद जरूरी है। फतेहपुर पुलिस की इस कामयाबी ने कई अन्य लोगों को ठगे जाने से बचा लिया है। अगर आप भी किसी मैरिज ब्यूरो के जरिए रिश्ता देख रहे हैं, तो बिना पूरी जानकारी के किसी को भी ऑनलाइन पैसे न भेजें। सतर्क रहें और साइबर अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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