Earthquake in Delhi-NCR: उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, अफगानिस्तान के हिंदूकुश में था केंद्र

Earthquake

Share This Article

शुक्रवार की रात उत्तर भारत के एक बड़े हिस्से के लिए दहशत भरी रही। Earthquake के तेज झटकों ने लोगों को उनके घरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया। दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी धरती हिलने की खबरें सामने आईं। रात करीब 9:45 बजे आए इस Earthquake की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.9 मापी गई। गनीमत यह रही कि इतनी अधिक तीव्रता के बावजूद, शुरुआती रिपोर्टों में कहीं से भी किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं मिली है।

अफगानिस्तान-तजाकिस्तान बॉर्डर पर था केंद्र

भूकंप विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, इस Earthquake का मुख्य केंद्र अफगानिस्तान और तजाकिस्तान का सीमावर्ती क्षेत्र यानी हिंदूकुश का इलाका था। यह क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। जानकारी के अनुसार, Earthquake का केंद्र जमीन से लगभग 150 से 177 किलोमीटर की गहराई (Depth) पर स्थित था। विशेषज्ञों का कहना है कि जब भूकंप इतनी अधिक गहराई पर आता है, तो उसकी तरंगें (Seismic Waves) बहुत लंबी दूरी तय करती हैं। यही मुख्य कारण है कि अफगानिस्तान में केंद्र होने के बावजूद इसके झटके दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और यहां तक कि पड़ोसी देश पाकिस्तान के इस्लामाबाद तक काफी तेज और देर तक महसूस किए गए।

यूपी के गाजियाबाद और नोएडा में मची अफरा-तफरी

Earthquake के झटके महसूस होते ही नोएडा और गाजियाबाद की ऊंची सोसायटियों में रहने वाले हजारों लोग फौरन लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल कर पार्कों और खुले मैदानों की ओर भागे। गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन, इंदिरापुरम, वैशाली और कौशांबी जैसे इलाकों में लोग काफी देर तक अपने घरों में वापस जाने से कतराते रहे। चश्मदीदों ने बताया कि घरों में लगे पंखे, झूमर और लाइटें अचानक तेज हिलने लगीं, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यह कोई सामान्य कंपन नहीं बल्कि एक बड़ा Earthquake है।

कुछ ने बताया कि वे पार्क में टहल रहे थे, तभी उन्हें तेज कंपन का अहसास हुआ, जिसके बाद पूरी सोसाइटी में हलचल मच गई और लोग अपने परिवारों के साथ बाहर आ गए।

उत्तर भारत के अन्य राज्यों में दहशत का माहौल

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर, उधमपुर, पुंछ और पूरी कश्मीर घाटी में भी इस Earthquake के समान झटके महसूस किए गए। वहां के स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, झटके इतने तेज थे कि लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और सड़कों पर जमा हो गए। चंडीगढ़ और लुधियाना जैसे शहरों में भी जो लोग दूसरी और तीसरी मंजिलों पर फ्लैट्स में रह रहे थे, उन्होंने तेज झटकों की पुष्टि की। चंडीगढ़ में भी लोगों ने बताया कि उन्हें कुछ सेकंड तक काफी तेज कंपन महसूस हुआ, जिससे उनके घर का सामान भी हिलने लगा था। सोशल मीडिया पर देर रात तक लोग एक-दूसरे का हालचाल पूछते और अपने अनुभवों को साझा करते नजर आए।

क्यों बार-बार हिलती है दिल्ली की धरती?

भू-वैज्ञानिकों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर का इलाका सीस्मिक जोन-4 (Seismic Zone-4) में आता है, जो काफी उच्च जोखिम वाला क्षेत्र है। हिंदूकुश क्षेत्र और हिमालयी बेल्ट में होने वाली किसी भी बड़ी हलचल का सीधा असर उत्तर भारत के इन मैदानी इलाकों पर पड़ता है। Earthquake की इस हालिया घटना ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के प्रति हमारी तैयारी और बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शुक्रवार रात आए इस Earthquake ने भले ही कोई बड़ा नुकसान न पहुँचाया हो, लेकिन इसने लोगों के मन में डर जरूर पैदा कर दिया है। ऐसी स्थितियों में पैनिक न करना, लिफ्ट का प्रयोग न करना और तुरंत खुले स्थान पर पहुँचना ही सुरक्षा का सबसे सही तरीका है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

यह भी पढ़ें: UP ATS का बड़ा खुलासा: लखनऊ को दहलाने की साजिश नाकाम, पाकिस्तान कनेक्शन के साथ 4 आतंकी गिरफ्तार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

Are You Satisfied DD News UP

Also Read This