CM Yogi Janta Darshan: फरियादियों से सीधे संवाद, अधिकारियों को सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में जनता दर्शन में आए सैकड़ों लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने जनता को भरोसा दिलाया कि किसी भी व्यक्ति की समस्या अनसुनी नहीं की जाएगी और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी । मुख्यमंत्री ने जनता से संवाद करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना और उन्हें सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ दिलाना है।
जनता दर्शन कार्यक्रम को सरकार जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम मानती है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को जनता से प्राप्त शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई करने और तय समय सीमा में समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है।

पहले जिला स्तर पर समाधान की अपील
CM Yogi Janta Darshan के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे लखनऊ आने से पहले अपने जनपद और मंडल स्तर के अधिकारियों से जरूर मिलें। उन्होंने कहा कि हर स्तर पर अधिकारी समस्याओं के समाधान के लिए जिम्मेदार हैं।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अगर किसी कारण से जिला स्तर पर समाधान नहीं हो पा रहा है, तभी राजधानी आएं। सरकार की प्राथमिकता है कि हर पीड़ित की समस्या का निस्तारण समय पर हो। अधिकारी हर हाल में जनपद स्तर पर ही पीड़ितों की समस्याओं का निस्तारण करें।

उद्यमियों की समस्याओं पर सख्ती
CM Yogi Janta Darshan में कुछ उद्यमियों ने भी अपनी शिकायतें रखीं। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) और जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि निवेश से जुड़े मामलों में किसी तरह की देरी न हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश के लिए बेहतर माहौल बनाया गया है और सिंगल विंडो सिस्टम लागू है। अगर किसी उद्यमी को परेशानी होती है, तो उसका समाधान प्राथमिकता से किया जाए।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उद्योग और निवेश से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्राथमिक विद्यालयों में खेल पर जोर
CM Yogi Janta Darshan के दौरान एक नागरिक ने बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य करने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने इस सुझाव को सकारात्मक रूप से लिया और संबंधित विभाग को कार्रवाई के निर्देश देने की बात कही। उन्होंने कहा कि बच्चों का विकास सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं होना चाहिए। खेल और शारीरिक गतिविधियां भी जरूरी हैं।
अवैध कब्जों और पुलिस मामलों पर निर्देश
कार्यक्रम में अवैध कब्जों और पुलिस से जुड़े मामलों की शिकायतें भी आईं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
CM Yogi Janta Darshan में यह साफ दिखा कि प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सरकार गंभीर है।
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बच्चों से संवाद और संदेश
कार्यक्रम में कई अभिभावक अपने बच्चों के साथ पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने बच्चों से बातचीत की, उनकी कक्षा पूछी और उन्हें पढ़ाई के साथ खेलकूद के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों से कहा—मन लगाकर पढ़ो, खूब खेलो और खिलते रहो। बच्चों को चॉकलेट देकर उनका उत्साह भी बढ़ाया। CM Yogi Janta Darshan सिर्फ शिकायत सुनने का मंच नहीं, बल्कि समाधान की दिशा में उठाया गया कदम है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं का निस्तारण सरकार की प्राथमिकता है। जिला स्तर पर जवाबदेही बढ़ाने, उद्यमियों की मदद और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर देते हुए यह कार्यक्रम एक सकारात्मक संदेश देता है।
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