CM Yogi Janta darshan: गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में हर बार की तरह इस बार भी एक अलग ही माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब भी यहां होते हैं, तो आम जनता की उम्मीदें काफी बढ़ जाती हैं। रविवार की सुबह दिग्विजय नाथ स्मृति भवन के बाहर कुछ ऐसा ही नजारा था, जहां सूबे के कोने-कोने से लोग अपनी परेशानियां लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने बेहद इत्मीनान से एक-एक व्यक्ति की बात सुनी और अधिकारियों को तुरंत मदद के निर्देश दिए।
आइए जानते हैं कि इस बार के जनता दर्शन में क्या खास रहा।

समयसीमा के भीतर पीड़ितों को न्याय दिलाएं
जनता दर्शन के दौरान जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने पुलिस और जमीन-जायदाद से जुड़े मामले आए, तो उनका रुख काफी सख्त नजर आया। उन्होंने मौके पर मौजूद जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को साफ शब्दों में कहा कि जमीनी विवादों और पुलिस से जुड़ी शिकायतों को हल्के में न लिया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राजस्व के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर कहीं भी ढिलाई पाई गई, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिकारी समयसीमा के भीतर पीड़ितों को न्याय दिलाएं ताकि आम जनता को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

इलाज की चिंता सरकार पर छोड़ दें
इस बार के जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर भी पहुंचे थे। परेशान परिजनों को ढांढस बंधाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आप बस मरीज की देखभाल करिए और इलाज की चिंता सरकार पर छोड़ दें।”
उन्होंने अधिकारियों को तुरंत निर्देश दिए कि जितने भी जरूरतमंद लोग हैं, उनके आयुष्मान कार्ड प्राथमिकता के आधार पर बनाए जाएं। साथ ही, जो लोग इस दायरे में नहीं आते, उन्हें मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से जल्द से जल्द आर्थिक सहायता राशि जारी की जाए ताकि पैसों की कमी के कारण किसी का इलाज न रुके।
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गोसेवा और बच्चों से लाड-प्यार
अपनी व्यस्त दिनचर्या के बीच सीएम योगी का एक बेहद संवेदनशील रूप भी देखने को मिला। जनता दर्शन से पहले उन्होंने मंदिर की गोशाला में जाकर गायों को अपने हाथों से गुड़ और रोटी खिलाई। इसके बाद जब वे परिसर में घूम रहे थे, तो वहां आए छोटे बच्चों को देखकर खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने बच्चों को पास बुलाकर दुलारा, उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा और मुस्कुराते हुए उन्हें चॉकलेट भी बांटी।
गोरखपुर में हुआ यह जनता दर्शन सिर्फ एक सरकारी औपचारिकता नहीं था, बल्कि शासन और आम जनता के बीच सीधे जुड़ाव की एक जीती-जागती मिसाल था। मुख्यमंत्री के इस रुख से साफ है कि सरकार न सिर्फ कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर है, बल्कि गरीबों के स्वास्थ्य और न्याय को लेकर भी बेहद संवेदनशील है।



