
साझी संस्कृति का समागम… काशी तमिल संगमम्!
डमरुओं की गूंज… नगाड़ों की थाप… और गंगा तट पर बसी काशी की पवित्र हवा में घुली आध्यात्म की सुगंध… इन्हीं सबके बीच बनारस एक बार फिर दो प्राचीन संस्कृतियों उत्तर और दक्षिण भारत की अमर साझेदारी का साक्षी बन रहा है… काशी की धरती पर काशी तमिल संगमम् 4 का भव्य आगाज़ हो चुका







