बरेली से बड़ी राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने हाल ही में हुए बरेली बवाल को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
राजेश अग्रवाल ने अपने बयान में कहा कि इस बवाल में सिर्फ कुछ ही लोग नहीं बल्कि कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। इसलिए सीबीआई या किसी अन्य केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच की आवश्यकता है ताकि इस घटना के पीछे की पूरी साजिश उजागर हो सके। उन्होंने कहा कि यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं बल्कि सामाजिक सौहार्द और प्रशासनिक निष्पक्षता से जुड़ा विषय है।
उन्होंने मौलाना तौकीर रजा पर भी गंभीर आरोप लगाए। राजेश अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2010 से अब तक मौलाना तौकीर पर सैकड़ों मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन आज तक उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कोई जज स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की कोशिश करता है, तो उसका ट्रांसफर क्यों कर दिया जाता है? यह न्याय व्यवस्था और शासन प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह इस पूरे मामले की गहनता से जांच कराए और जिम्मेदारों को बेनकाब करे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाया है, लेकिन ऐसे संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि किसी को भी राजनीतिक या साम्प्रदायिक आधार पर छूट न मिल सके।
बरेली में हाल ही में हुए बवाल ने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींचा था। स्थानीय प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। वहीं विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साध रहा है, तो भाजपा नेताओं ने कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।
राजेश अग्रवाल का यह बयान अब राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी व्यक्ति को धर्म या राजनीति के नाम पर हिंसा फैलाने की छूट न मिले। समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रशासन को निष्पक्ष होकर कार्रवाई करनी चाहिए।
बरेली-नाजिया अंजुम, संवाददाता