बाराबंकी के स्कूल में महिला शिक्षक का शव फंदे से लटका मिला, पति ने आरोप लगाया

बाराबंकी

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उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के उधवापुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में शनिवार को एक महिला शिक्षक का शव फंदे से लटका हुआ पाया गया। यह घटना तब सामने आई जब महिला शिक्षक काफी देर तक अपने कमरे से बाहर नहीं आईं। सहकर्मियों ने उन्हें ढूंढ़ते हुए प्रधानाध्यापक के कार्यालय का दरवाजा खोला, तो अंदर का दृश्य देख उनके होश उड़ गए। महिला शिक्षक उमा वर्मा (उम्र 40 वर्ष) का शव रस्सी से फंदे से लटका हुआ था। सूचना पर शिक्षिका के टीचर पति ऋषि वर्मा स्कूल पहुंचे। उन्हाेंने आरोप लगाया कि पिछले डेढ़ साल से स्कूल की हेड मास्टर प्रताड़ित कर रही थीं। जब वह मन लगाकर बच्चों को पढ़ाती थीं तो स्टाफ के लोग टीका-टिप्पणी करते थे। कई बार पूरे स्टाफ ने मिलकर उनके खिलाफ शिकायतें कीं। हम ट्रांसफर के लिए प्रयास कर रहे थे लेकिन ट्रांसफर नहीं हो पाया।

महिला शिक्षक की पहचान और परिवार  

महिला शिक्षक का नाम उमा वर्मा था और वह बाराबंकी शहर के जलालपुर मोहल्ले की निवासी थीं। उमा वर्मा के पति ऋषि वर्मा भी शिक्षक हैं और उनकी तैनाती सिद्धौर ब्लॉक के एक स्कूल में है। उमा और ऋषि का एक प्यारा परिवार है जिसमें दो बच्चे शामिल हैं। शनिवार की सुबह उमा को उनके पति ऋषि ने स्कूल छोड़ दिया था और इसके बाद वह अपनी कक्षा में गयीं। कक्षा में बैग रखने के बाद उमा वर्मा प्रधानाध्यापक के ऑफिस में गईं, जहां से वह काफी देर तक बाहर नहीं आईं।

महिला के शव की पहचान और घटना की सूचना   

सहकर्मियों ने जब आवाज दी, तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद, शिक्षकों ने दरवाजा खोला और पाया कि उमा वर्मा का शव फंदे से लटका हुआ था। घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई, और सतरिख थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। साथ ही फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए।

पति का आरोप: हेडमास्टर पर उत्पीड़न का आरोप  

उमा वर्मा के पति ऋषि वर्मा ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी को प्रधानाध्यापक द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि कुछ समय से उमा मानसिक तनाव का सामना कर रही थीं और वह इसके बारे में घर पर बात करती थीं। पुलिस ने इस पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। पति ने यह भी आरोप लगाया कि सभी शिक्षकों ने उन्हें फंदे पर लटका देखा लेकिन किसी ने उन्हें उतारकर समय पर इलाज के लिए नहीं भिजवाया। शायद वो बच जातीं। सुबह 10:30 बजे मुझसे बात हुई थी लेकिन न परेशान दिख रही थीं और न ही मुझे कोई बात महसूस हुई।

पुलिस की जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार    

सतरिख थाना पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है। पुलिस ने यह भी बताया कि मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही किया जाएगा। फिलहाल, महिला शिक्षक के परिवार और सहकर्मियों से पूछताछ की जा रही है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी का पता चल सके।

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मृतका के भाई का बयान: “टीचरों ने किया था परेशान”

मृतका के भाई शिवाकांत वर्मा ने कहा कि उनकी बहन बच्चों को बड़े मन से पढ़ाती थीं, लेकिन इस वजह से पूरा स्टाफ उन्हें ताने मारता था। वे कहते थे कि उन्हें अवॉर्ड चाहिए। जब एक-दो बार उन्होंने बहन को परेशान होते देखा, तो सवाल किया, लेकिन उन्होंने बात को टाल दिया। शिवाकांत के अनुसार कई अध्यापक ने उन्हें तंग किया था।

शिवाकांत ने घटना को संदिग्ध बताया और कहा कि जिस प्रधानाध्यापक के कमरे में उनकी बहन ने फांसी लगाई, उस कमरे का दरवाजा अंदर से बंद नहीं था, बल्कि खुला हुआ था। सबसे पहले स्टाफ ने कमरे की सारी चीजें ठीक कीं, फिर पुलिस को बुलाया गया।

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