उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध घुसपैठियों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों आरोपियों में एक ब्रिटिश महिला और दूसरा पाकिस्तानी नागरिक शामिल हैं। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने भारत में अवैध प्रवेश किया था। पुलिस और खुफिया विभाग अब इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं, यह जानने के लिए कि वे भारत में कैसे पहुंचे और उनका असली मकसद क्या था…
बहराइच जिले के रूपईडीहा चेकपोस्ट पर 13 नवंबर को पुलिस और SSB (सशस्त्र सीमा बल) ने एक संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान दो संदिग्ध घुसपैठिए पकड़े गए। इन दोनों की पहचान ब्रिटिश नागरिक सुमित्रा शकील (61 वर्ष) और पाकिस्तानी नागरिक हसन अम्मान सलीम (35 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों नेपाल के रास्ते भारत में अवैध रूप से प्रवेश कर रहे थे। इनकी जांच के दौरान उनके पास मिले दस्तावेजों में कई खामियां पाई गईं, जो भारत में प्रवेश के नियमों के खिलाफ थे।
गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की और उनकी यात्रा इतिहास और संपर्कों की गहरी जांच शुरू की। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि दोनों किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं या इनकी यात्रा का मकसद कुछ और हो सकता है। इनकी गिरफ्तारी के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
बहराइच में सुरक्षा व्यवस्था की सख्त निगरानी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बहराइच में यह घटना उस समय हुई है जब पूरे उत्तर प्रदेश में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली के लाल किले में हुए धमाके के बाद, यूपी में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं। बहराइच के रूपईडीहा चेकपोस्ट पर पुलिस और एसएसबी (SSB) की ओर से की गई कार्रवाई को इस संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एसएसबी की 42वीं वाहिनी के कमांडेंट गंगा सिंह उदावत ने बताया कि दोनों संदिग्धों के पास से मिले दस्तावेजों की जांच की जा रही है। उनके अनुसार, हसन अम्मान सलीम तीन बार पाकिस्तान भी जा चुका है, और यह तथ्य सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण है।
गिरफ्तार किए गए दोनों संदिग्धों की पहचान और उनके दस्तावेजों की छानबीन के दौरान यह पाया गया कि सुमित्रा शकील एक ब्रिटिश नागरिक हैं और उनका संबंध ओडिशा से है। उनके पास ब्रिटिश पासपोर्ट और ओसीआई (ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया) कार्ड था। वहीं, हसन अम्मान सलीम पाकिस्तान के मूल निवासी हैं और ब्रिटिश नागरिकता प्राप्त कर चुके हैं। उनके पास भी संदिग्ध दस्तावेज पाए गए थे।
रूपईडीहा चेकपोस्ट पर कड़ी निगरानी
पुलिस और एसएसबी की ओर से रूपईडीहा चेकपोस्ट पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। वहां आने-जाने वालों की सघन तलाशी ली जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों को रोका जा सके। इस घटना ने बहराइच जिले में सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की आवश्यकता को स्पष्ट कर दिया है।
अब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ये दोनों भारत में किस उद्देश्य से आए थे और उनकी यात्रा का क्या मकसद था। पूछताछ में दोनों ने अपनी यात्रा के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद, दोनों के खिलाफ पासपोर्ट अधिनियम 1967 की धारा 14ए के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि ये दोनों किसी बड़े आतंकवादी नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं, हालांकि इस मामले में अभी जांच जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि दोनों के संपर्कों, फोन रिकॉर्ड और यात्रा इतिहास से इस मामले के और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद यूपी सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। बहराइच के पुलिस अधिकारी प्रद्युम्न सिंह ने बताया कि शनिवार को बॉर्डर पर कांबिंग के दौरान दोनों संदिग्ध पकड़े गए थे। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए सीमा पर सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा।
रिपोर्ट – जयचंद सोनी
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