राजधानी लखनऊ में आज उत्तर जोन का क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश के कृषि क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मंथन होगा। इस सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे, जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी विशेष रूप से उपस्थित रहकर किसानों और अधिकारियों को संबोधित करेंगे। यह आयोजन राजधानी के सुशांत गोल्फ सिटी स्थित द सेंट्रम होटल में हो रहा है। सम्मेलन में केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी और रामनाथ ठाकुर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के प्रतिनिधि और प्रगतिशील किसान बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।
इस क्षेत्रीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य कृषि से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों जैसे खेती की आधुनिक तकनीक, विपणन व्यवस्था, कृषि अवसंरचना और किसानों की आय बढ़ाने के लिए ठोस एवं व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करना है। सम्मेलन में किसान क्रेडिट कार्ड, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, दलहन और तिलहन मिशन, बागवानी विकास और डिजिटल कृषि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने गुरुवार को लोक भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि यह सम्मेलन कृषि क्षेत्र में नई दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि अपनी-अपनी श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को साझा करेंगे, जिससे अन्य राज्य भी लाभान्वित हो सकेंगे। सम्मेलन में उर्वरकों की उपलब्धता, उनके संतुलित उपयोग और कालाबाजारी पर नियंत्रण जैसे गंभीर मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्यों पर भी रणनीति तैयार की जाएगी। उत्तर प्रदेश की ओर से गन्ने के साथ अंत:फसली खेती और डायरेक्ट सीडिंग ऑफ राइस (DSR) तकनीक को प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं हरियाणा का ‘‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’’ पोर्टल, पंजाब का धान से फसल विविधीकरण का मॉडल तथा पहाड़ी राज्यों द्वारा बागवानी क्षेत्र में किए गए नवाचार भी साझा किए जाएंगे।




