Varanasi में किसान मेला 2026 की शुरुआत, कृषि क्षेत्र में नवाचार और तकनीक पर विशेष जोर

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Varanasi के काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान संस्थान में विकसित कृषि व समर्थ भारत के तहत दो दिवसीय कृषि उद्योग प्रदर्शनी एवं किसान मेला का आयोजन किया गया जिसके उद्घाटन अवसर पर उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों को कृषि मंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत अब तक करोड़ों किसानों के खाते में 4 लाख करोड़ रुपए भेजे जा चुके है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार खाद्य सुरक्षा के तहत 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दे रही है। हमारी सरकार ने कृषि बजट को भी कई गुना बढ़ाने का काम किया है।

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कार्यक्रम का शुभारंभ

बीएचयू परिसर में आयोजित इस किसान मेले में बड़ी संख्या में किसान और कृषि से जुड़े लोग पहुंचे। Varanasi में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही रहे। उन्होंने अपने संबोधन में किसानों के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही कहा कि कृषि क्षेत्र में हो रहे शोध और तकनीकी विकास का फायदा किसानों तक पहुंचना जरूरी है।

कार्यक्रम के उद्घाटन के बाद अतिथियों ने विभिन्न प्रदर्शनी स्टॉल का भी भ्रमण किया। Varanasi में लगे इन स्टॉलों पर नई कृषि तकनीकों, बीजों, उपकरणों और नवाचारों को प्रदर्शित किया गया था।

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किसानों और वैज्ञानिकों के बीच संवाद

किसान मेले का एक बड़ा उद्देश्य किसानों और वैज्ञानिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना भी था। Varanasi में आयोजित इस आयोजन के दौरान अतिथियों ने किसानों और प्रतिभागियों से बातचीत की और नई तकनीकों के बारे में जानकारी ली।

बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि वैज्ञानिक शोध को किसानों के अनुभव के साथ जोड़ना बहुत जरूरी है। उनके अनुसार किसानों के पास खेतों से जुड़ा व्यावहारिक ज्ञान होता है, जो कृषि नवाचार के लिए महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि Varanasi में आयोजित ऐसे कार्यक्रम शोध संस्थानों और किसानों के बीच की दूरी कम करने में मदद करते हैं।

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तकनीक और नवाचार पर जोर

आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कृषि में तकनीक की भूमिका पर बात की। उन्होंने बताया कि आज के समय में कृषि चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए तकनीकी नवाचार और संस्थानों के बीच सहयोग जरूरी है।

पद्मश्री चंद्रशेखर सिंह ने किसानों को नई तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ पारंपरिक ज्ञान को भी संरक्षित रखने की सलाह दी। वहीं कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. उदय प्रताप सिंह ने कहा कि Varanasi में होने वाले ऐसे किसान मेले ज्ञान के आदान-प्रदान का अच्छा मंच बनते हैं। कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती, एकीकृत कृषि प्रणाली, मिलेट उत्पादन, पशुपालन प्रबंधन और बागवानी जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।

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Varanasi में आयोजित किसान मेला-2026 किसानों और वैज्ञानिकों के बीच संवाद का महत्वपूर्ण अवसर बना। यहां नई तकनीकों, कृषि नवाचारों और सरकारी योजनाओं पर चर्चा हुई।

ऐसे आयोजन किसानों को नई जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें आधुनिक खेती की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम के अंत में प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया गया, जिससे अन्य किसानों को भी प्रेरणा मिल सके।

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