लखनऊ जैसे शहर में जब कोई सनसनीखेज वारदात होती है, तो अक्सर लोग उसे अपराध की एक सामान्य खबर मानकर भूल जाते हैं। लेकिन ‘नीला ड्रम मर्डर केस’ ने जिस तरह से रिश्तों की कड़वाहट और आधुनिक जीवनशैली के काले पक्ष को उजागर किया है, उसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। यह कहानी सिर्फ एक हत्या की नहीं है, बल्कि एक टूटते परिवार, अवैध संबंधों और एक बेटे के सिर पर सवार खून के जुनून की है।
आजकल के दौर में सोशल मीडिया हमारी जिंदगी का इतना बड़ा हिस्सा बन चुका है कि लोग अपराध करने के बाद भी सबसे पहले वहीं अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हैं। इस केस में भी कुछ ऐसा ही हुआ। चलिए विस्तार से समझते हैं कि आखिर उस रात लखनऊ के उस घर में क्या हुआ था और कैसे एक स्नैपचैट फोटो ने पुलिस की जांच को एक नया मोड़ दे दिया।
लखनऊ नीला ड्रम मर्डर: पिता को मारकर बेटे ने गर्लफ्रेंड को स्नैपचैट पर कौन-सी फोटो भेजी?
इस पूरे मामले में जो सबसे दहला देने वाला पहलू है, वह है हत्या के बाद आरोपी बेटे अक्षत का बर्ताव। पुलिस की तफ्तीश में यह बात निकलकर आई है कि अक्षत ने अपने पिता मानवेन्द्र सिंह की हत्या बहुत ही ठंडे दिमाग से की थी। लेकिन हत्या करने के तुरंत बाद उसने जो किया, वह किसी भी सामान्य इंसान की सोच से परे है।
जैसे ही अक्षत ने अपने पिता को गोली मारी और कमरे में खून फैल गया, उसने भागने या लाश को छिपाने की जगह अपना फोन उठाया। उसने अपने पिता की लहूलुहान लाश की एक फोटो खींची और उसे अपनी गर्लफ्रेंड को स्नैपचैट पर भेज दिया। स्नैपचैट की खासियत यह है कि वहां मैसेज और फोटो कुछ समय बाद गायब हो जाते हैं, शायद अक्षत को लगा कि वह सबूत मिटा देगा। लेकिन डिजिटल फुटप्रिंट्स इतनी आसानी से पीछा नहीं छोड़ते।
उसने फोटो भेजने के साथ ही अपनी पार्टनर से बात की। बताया जा रहा है कि फोटो भेजने के बाद वह फोन पर फूट-फूटकर रोने लगा था। शुरुआती पलों में उसने अपनी गर्लफ्रेंड से कहा कि वह अब पुलिस के पास जाकर सरेंडर कर देगा। उसे अपनी गलती का एहसास तो हुआ, लेकिन वह बहुत ही क्षणिक था। कुछ ही देर बाद, उसने अपनी छोटी बहन के भविष्य और अपनी खुद की जिंदगी के बारे में सोचा और सरेंडर करने का इरादा बदल दिया। यहीं से शुरू हुई उस ‘नीले ड्रम’ की कहानी, जिसमें उसने अपने ही पिता की लाश को पैक कर दिया था।
“जब तक तुम्हारे बाप हैं, हमारा कुछ नहीं हो सकता”
किसी भी अपराध के पीछे कोई न कोई बड़ी वजह या उकसावा जरूर होता है। इस मामले में भी एक ऐसा मैसेज सामने आया है जिसने आग में घी डालने का काम किया। मानवेन्द्र सिंह को अपने बेटे अक्षत के अफेयर और उसकी बिगड़ती आदतों के बारे में पता चल गया था। वे एक पिता के तौर पर उसे सुधारना चाहते थे, लेकिन उनके तरीके शायद अक्षत को रास नहीं आ रहे थे।
हत्या वाली रात स्थिति तब बिगड़ गई जब मानवेन्द्र ने अक्षत की पार्टनर को फोन लगाया और उसे जमकर खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने लड़की को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि वह अक्षत से दूर रहे। इस डांट के बाद उस लड़की ने अक्षत का फोन उठाना बंद कर दिया। काफी देर तक कॉल इग्नोर करने के बाद लड़की ने अक्षत को एक मैसेज भेजा, जिसमें लिखा था, “जब तक तुम्हारे बाप हैं, हमारा कुछ नहीं हो सकता, पहले उनको समझाओ।”
यह एक छोटा सा वाक्य अक्षत के दिमाग में घर कर गया। उसे लगा कि उसके पिता उसके प्यार और उसकी खुशी के बीच का सबसे बड़ा रोड़ा हैं। उस रात का गुस्सा और इस एक मैसेज ने अक्षत को हत्यारा बना दिया। उसे लगा कि अगर पिता नहीं होंगे, तो उसके रास्ते का कांटा हट जाएगा और वह अपनी मर्जी की जिंदगी जी सकेगा।
पूरे परिवार को थी मानवेन्द्र के अवैध संबंधों की खबर
इस केस की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, परिवार के अंदरूनी कलह की बातें भी बाहर आ रही हैं। सूत्रों के हवाले से यह भी पता चला है कि घर में अशांति की जड़ सिर्फ अक्षत नहीं था, बल्कि मानवेन्द्र सिंह का अपना आचरण भी विवादों में था। बताया जा रहा है कि मानवेन्द्र के कई महिलाओं के साथ अवैध संबंध थे, जिसकी जानकारी परिवार के हर सदस्य को थी।
अक्षत की मां, यानी मानवेन्द्र की पत्नी की मौत भी एक रहस्य बनी हुई है। चर्चा है कि मानवेन्द्र के बाहरी संबंधों के कारण घर में रोज झगड़े होते थे। इसी मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर उन्होंने जहर खाकर अपनी जान दे दी थी। हालांकि, पुलिस अभी इस बात की आधिकारिक पुष्टि करने में जुटी है, लेकिन पड़ोसियों और करीबियों का कहना है कि घर का माहौल बहुत समय से खराब था।
पत्नी की मौत के बाद मानवेन्द्र और भी ज्यादा बेखौफ हो गए थे। सूत्रों का कहना है कि वे अक्सर महिलाओं को घर पर भी लेकर आते थे। पिता की इन हरकतों ने अक्षत के मन में उनके प्रति सम्मान पूरी तरह खत्म कर दिया था। जब मानवेन्द्र ने अक्षत को टोकना शुरू किया, तो अक्षत को यह नागवार गुजरा। उसे लगा कि जो पिता खुद गलत रास्ते पर है, उसे मुझे रोकने का कोई हक नहीं है।
बेटे की अफेयर की जानकारी पर भड़का था मानवेन्द्र
कुछ महीने पहले मानवेन्द्र के घर से 32 हजार रुपये कैश और 4 अंगूठियां गायब हो गई. मानवेन्द्र ने अपने घर में काम करने वाली नौकरानी पर शक किया और अपने करीबी पड़ोसियों से बात की. सबकी सलाह पर मानवेन्द्र ने थाने पर शिकायत की, लेकिन नौकारानी बेकसूर निकली. जिसके बाद पुलिस ने मानवेन्द्र को चोरी का दूसरा पहलू भी देखने को कहा- आप एक बार अपने घर में पूछिए. इसके बाद मानवेन्द्र की इस मुद्दे पर अपने करीबियों से चर्चा हुई, लेकिन उसे अपने बेटे पर बिलकुल भी शक नहीं था. घर में कोई सीसीटीवी कैमरा न होने के कारण ऐसा कोई संदिग्ध दिखा भी नहीं. मानवेन्द्र ने इसके बाद अक्षत से कड़ाई से जब पूछताछ की तो अक्षत ने कबूला कि पैसे और सोने की अंगूठियां उसने अय्याशी में उड़ाई है. इसके बाद मानवेन्द्र को धक्का सा लगा और फिर उस दिन के बाद से ही कभी उसने उन पैसों और अंगूठीयों का जिक्र नहीं किया.
ये था मर्डर का ट्रिगर मोमेंट?
सूत्रों के अनुसार, अक्षत जिस NEET थ्योरी को बाप के मर्डर का आधार बता रहा है वो पूरी तरह से गलत साबित हो चुकी है. विवाद की वजह शराब के ठेके के रेव्यूनल के लिए रखे गए 50 लाख रुपये में से कुछ रुपये गायब होना थी. इसके लिए मानवेन्द्र ने अक्षत की खूब पिटाई की थी और रायफल तान दी थी. घटना वाली रात मानवेन्द्र किसी शादी से करीब 12 बजे के बाद घर लौटे और किसी महिला से उनकी आधे घंटे तक हॉट टॉक हुई. मानवेन्द्र काफी गुस्से में थे. दरअसल मानवेन्द्र को अक्षत की बाकी बुरी आदतों के साथ अफेयर के बारे में भी पता चल गया था. मानवेन्द्र नहीं चाहता था वो अपना जीवन इन चक्करों में बर्बाद करें.
मानवेन्द्र ने कॉल पर अक्षत की पार्टनर को खूब डांटा और बाप को उठवा लेने तक की धमकी दे डाली और अक्षत से दूर रहने की बात कही. अक्षत की मां नहीं थी. बाप का प्यार उसे समझ नहीं आया इसलिए वो अपनी पार्टनर को खोने से डर गया इस बात को लेकर मानवेन्द्र और अक्षत के बीच झगड़ा हुआ. मानवेन्द्र की भयंकर डांट के बाद अक्षत कि पार्टनर ने उससे बात करना और कॉल उठाना बंद कर दिया था इससे अक्षत काफी फ्रस्टेट हो गया और रात भर कॉल मैसेज करता रहा.
अपराध और तकनीक का मेल
इस मर्डर केस ने यह भी साफ कर दिया है कि आज की पीढ़ी भावनाओं को सोशल मीडिया के जरिए कैसे व्यक्त कर रही है। हत्या जैसे जघन्य अपराध के बाद भी स्नैपचैट का इस्तेमाल करना यह दिखाता है कि अपराधी किस कदर भ्रमित था।
पुलिस ने अब उस स्नैपचैट फोटो और चैट्स को अहम सबूत मान लिया है। फोरेंसिक टीम फोन के डेटा को रिकवर करने की कोशिश कर रही है ताकि कोर्ट में अक्षत के खिलाफ ठोस सबूत पेश किए जा सकें। यह मामला सिर्फ एक मर्डर का नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए एक चेतावनी है कि कैसे संवाद की कमी और गलत रास्ते पर बढ़ते कदम हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ सकते हैं।