प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Malaysia की आधिकारिक यात्रा पर रवाना होने से पहले एक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि वे मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ बातचीत करने और भारत–मलेशिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ बनाने को लेकर उत्साहित हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि वे अपने मित्र प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के आमंत्रण पर मलेशिया जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत और मलेशिया के ऐतिहासिक संबंधों में हाल के वर्षों में निरंतर प्रगति देखने को मिली है। आगामी बातचीत के माध्यम से दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने का प्रयास किया जाएगा।
At the invitation of my friend, Prime Minister Anwar Ibrahim, I will be visiting Malaysia, a nation with which India’s ties are deep-rooted and extensive. This visit will boost our Comprehensive Strategic Partnership and enhance cooperation across sectors.
Malaysia is home to a…
— Narendra Modi (@narendramodi) February 7, 2026
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस यात्रा का उद्देश्य रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना, आर्थिक व नवाचार आधारित साझेदारी को बढ़ावा देना और सहयोग के नए क्षेत्रों का विस्तार करना है। उन्होंने भरोसा जताया कि इन प्रयासों से दोनों देशों के संबंध और अधिक गहरे होंगे।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि वे मलेशिया में रहने वाले भारतीय समुदाय से मिलने के लिए विशेष रूप से उत्सुक हैं। लगभग 30 लाख की आबादी वाला यह समुदाय दुनिया के सबसे बड़े भारतीय प्रवासी समुदायों में शामिल है। मलेशिया के विकास में उनका अहम योगदान और दोनों देशों के बीच सेतु के रूप में उनकी भूमिका भारत–मलेशिया की ऐतिहासिक मित्रता को मजबूत आधार प्रदान करती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 और 8 फरवरी 2026 को मलेशिया की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान वे मलेशिया के प्रधानमंत्री के साथ कई अहम द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। यह उनकी मलेशिया की तीसरी यात्रा होगी और अगस्त 2024 में भारत–मलेशिया संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिए जाने के बाद उनकी पहली यात्रा होगी।
भारत और मलेशिया के संबंध ऐतिहासिक, सभ्यतागत और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित हैं। मलेशिया में लगभग 29 लाख से अधिक भारतीय प्रवासियों की मौजूदगी इन संबंधों को और मजबूती देती है, जो इसे विश्व का तीसरा सबसे बड़ा भारतीय प्रवासी समुदाय बनाती है।
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