Pariksha Pe Charcha 9th Edition के लिए करोड़ों छात्र बीते कई दिनों से बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। यह इंतजार शुक्रवार, 6 फरवरी की सुबह खत्म हुआ, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह 10 बजे छात्रों के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ में संवाद किया। इस दौरान छात्रों ने परीक्षा से जुड़े तनाव, घबराहट और दबाव को लेकर प्रधानमंत्री से मार्गदर्शन प्राप्त किया और आत्मविश्वास से आगे बढ़ने के मंत्र सीखे।
कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने पढ़ाई, जीवन, तकनीक और सोच से जुड़े कई मुद्दों पर खुलकर बातचीत की। इसी बीच उन्होंने अपनी उम्र से जुड़ा एक हल्का-फुल्का लेकिन गहरे संदेश वाला किस्सा सुनाया, जिसने माहौल को हंसी से भर दिया और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
‘25 साल अभी बाकी हैं’— कैसे शुरू हुई बात?
छात्रों से बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने अपने जन्मदिन (17 सितंबर) का जिक्र किया। उन्होंने मुस्कुराते हुए बताया कि हाल ही में एक नेता ने उन्हें फोन कर कहा कि आप 75 साल के हो गए हैं। इस पर पीएम मोदी ने जवाब दिया— “मैं बीता हुआ नहीं गिनता, जो बचा है उसे गिनता हूं… अभी 25 साल बाकी हैं।” यह सुनते ही सब हंस पड़े, लेकिन इसके पीछे संदेश साफ था— जीवन में हमेशा आगे की ओर देखना चाहिए, न कि पीछे मुड़कर।
इंटरनेट सस्ता है, समय नहीं
पीएम मोदी ने छात्रों को इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी अहम सलाह दी। उन्होंने कहा कि भारत में इंटरनेट भले ही सस्ता हो, लेकिन समय सबसे कीमती है। सोशल मीडिया पर घंटों स्क्रॉलिंग में समय गंवाने के बजाय उसका सही इस्तेमाल सीखने और खुद को बेहतर बनाने के लिए करें। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इंटरनेट का गलत इस्तेमाल भविष्य को नुकसान पहुंचा सकता है।
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जीवन के सबक: सपने जरूरी हैं, लेकिन कर्म उससे ज्यादा
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले बड़े शहरों या नामी स्कूलों के छात्र ही आगे बढ़ते थे, लेकिन आज छोटे गांवों और सीमित संसाधनों से भी प्रतिभाएं निकल रही हैं। उन्होंने ब्लाइंड क्रिकेट टीम की लड़कियों का उदाहरण दिया, जिन्होंने दिव्यांगता के बावजूद जीत हासिल की। उनकी कहानी सुनाते हुए पीएम भावुक हो गए। संदेश स्पष्ट था— कंफर्ट जोन से बाहर निकलो, क्योंकि चुनौतियां ही इंसान को गढ़ती हैं। सपने जरूर देखो, लेकिन केवल सपनों में मत उलझो, कर्म को जीवन का आधार बनाओ।
पीएम मोदी के टॉप 5 एग्जाम मंत्र
प्रधानमंत्री ने छात्रों को परीक्षा और जीवन दोनों के लिए उपयोगी पांच अहम मंत्र दिए—
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परीक्षा को बोझ नहीं, उत्सव की तरह लो
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दूसरों से नहीं, खुद से मुकाबला करो
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डिजिटल फास्टिंग अपनाओ, बेवजह स्क्रॉलिंग कम करो
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मुश्किल काम पहले निपटाओ
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एग्जाम वॉरियर बनो, रट्टू तोता नहीं
पीएम मोदी ने कहा कि ये मंत्र सिर्फ परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि पूरी जिंदगी में काम आने वाले हैं। ‘परीक्षा पे चर्चा’ का यह सत्र छात्रों के लिए नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच लेकर आया। प्रधानमंत्री की बातों से साफ संदेश मिला कि सफलता केवल मेहनत से नहीं, बल्कि समझदारी और सही सोच से हासिल होती है। छात्र और अभिभावक दोनों इन सुझावों को अपनाकर आगे बढ़ सकते हैं।
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