प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के करियप्पा परेड ग्राउंड में आयोजित वार्षिक एनसीसी–पीएम रैली में भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत शोक और संवेदना के माहौल में हुई, जब प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने भावुक स्वर में कहा कि अजित दादा का असमय निधन न केवल महाराष्ट्र, बल्कि पूरे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अजित पवार ने विशेष रूप से ग्रामीण विकास, किसानों के कल्याण और गांवों की जीवन-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य किया। प्रधानमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन घड़ी में पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
एनसीसी: अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का आंदोलन
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एनसीसी केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक ऐसा आंदोलन है, जो भारत के युवाओं को आत्मविश्वासी, अनुशासित और संवेदनशील नागरिक बनाता है। एनसीसी युवाओं में राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध और समर्पण की भावना विकसित करती है। उन्होंने इस वर्ष बड़ी संख्या में शामिल हुई गर्ल्स कैडेट्स की विशेष रूप से सराहना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में एनसीसी कैडेट्स की संख्या 14 लाख से बढ़कर 20 लाख से अधिक हो चुकी है। यह वृद्धि युवाओं में देशसेवा, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाती है। सीमा और तटीय क्षेत्रों से बढ़ी भागीदारी को उन्होंने राष्ट्रीय एकता और समावेशिता का प्रतीक बताया।
युवा भारत पर वैश्विक भरोसा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने लाल किले से कहा था, “यही समय है, सही समय है।” आज का दौर युवाओं के लिए अवसरों से भरा हुआ है। सरकार का प्रयास है कि युवा इस समय का अधिकतम लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया युवा भारत की क्षमता पर भरोसा कर रही है, और इसका कारण युवाओं में मौजूद कौशल और संस्कार हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में हुए भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समझौता भारतीय स्टार्टअप्स, नवाचार और रचनात्मक अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। इससे लाखों युवाओं के लिए नए रोजगार और वैश्विक अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय युवा मेहनती ही नहीं, बल्कि अत्यंत पेशेवर भी हैं, इसलिए उनकी विश्वभर में मांग है।
ऑपरेशन सिंदूर और राष्ट्रीय कर्तव्य
प्रधानमंत्री मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि इसने भारतीय सेना और सशस्त्र बलों की बहादुरी और स्वदेशी रक्षा तकनीक की ताकत को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत केवल आर्थिक समृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों द्वारा राष्ट्रीय कर्तव्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देना भी उतना ही आवश्यक है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और भव्य समापन
इस अवसर पर एनसीसी कैडेट्स, राष्ट्रीय रंगशाला और राष्ट्रीय सेवा योजना के सदस्यों ने राष्ट्र निर्माण, समाज सेवा और चरित्र विकास पर आधारित शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। यह रैली एक महीने तक चले एनसीसी गणतंत्र दिवस कैंप 2026 का भव्य समापन थी।
कार्यक्रम में देशभर से 2,406 एनसीसी कैडेट्स, जिनमें 898 लड़कियां शामिल थीं, ने भाग लिया। इसके अलावा 21 विदेशी देशों के 207 युवा और अधिकारी भी रैली में उपस्थित रहे। इस वर्ष की रैली का विषय था—“राष्ट्र प्रथम – कर्तव्यनिष्ठ युवा”।
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