रिपोर्ट: विजय प्रताप सिंह
उन्नाव। जिले में पुराने वाहनों के संचालन पर लगाम कसने के लिए परिवहन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब 15 साल या उससे अधिक पुराने वाहनों की फिटनेस फीस में 10 से 20 गुना तक बढ़ोतरी कर दी गई है। वहीं, 10 साल से अधिक पुराने भारी व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस कराना भी पहले से कहीं अधिक महंगा होगा। अधिकारियों का कहना है कि शुल्क बढ़ाने का उद्देश्य सड़कों से अत्यधिक पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को धीरे-धीरे हटाना है।
परिवहन विभाग, उत्तर प्रदेश ने 10–15 साल, 15–20 साल और 20 साल से अधिक पुराने वाहनों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर फीस तय की है। वाहन जितना पुराना होगा, फिटनेस शुल्क उतना ही ज्यादा देना पड़ेगा।
नई फिटनेस फीस (20 साल पुराने वाहन)
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ट्रक/बस: ₹2,500 से बढ़कर ₹25,000
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मीडियम व्यावसायिक वाहन: ₹1,800 से बढ़कर ₹22,000
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कार व अन्य हल्के वाहन: ₹5,000 से बढ़कर ₹17,000
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दोपहिया वाहन: ₹600 से बढ़कर ₹1,500
समय पर फिटनेस नहीं तो लगेगा जुर्माना
यदि वाहन की फिटनेस तय समय पर नहीं कराई गई, तो अलग से मासिक दंड लगेगा—
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15 साल पुरानी बाइक: ₹300 प्रति माह
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15 साल से अधिक पुरानी बाइक: ₹500 प्रति माह
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15 साल तक पुरानी कार: ₹500 प्रति माह
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15 साल से अधिक पुरानी कार: ₹1,000 प्रति माह
यह जुर्माना फिटनेस फीस के अतिरिक्त होगा।
अब कहां होगी फिटनेस जांच
परिवहन विभाग के अनुसार, निजी और कुछ चुनिंदा श्रेणियों को छोड़कर अधिकांश व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस अब केवल ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन (ATS) में ही होगी। उन्नाव में यह सेंटर सोहरामऊ के पास स्थापित किया गया है।
इस संबंध में श्वेता मिश्रा, एआरटीओ (प्रशासन) ने बताया कि पावर ट्रिलर, कृषि ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, फोर्कलिफ्ट, क्रेन, रोड रोलर, बुलडोजर और डंपर सहित कुल 10 प्रकार के वाहनों की फिटनेस जांच कार्यालय में ही की जाएगी, जबकि शेष के लिए ATS अनिवार्य होगा।
अधिकारियों का कहना है कि यह कदम सड़क सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण और आधुनिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में उठाया गया है। वाहन स्वामियों को सलाह दी गई है कि वे समय पर फिटनेस कराकर अतिरिक्त शुल्क और दंड से बचें। -श्वेता मिश्रा, एआरटीओ प्रशासन।
