कड़कड़ाती सर्दी के बीच उत्तर भारत में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी दिल्ली से लेकर पहाड़ी राज्यों तक बदले मौसम का असर साफ तौर पर देखा जा रहा है। विशेष रूप से जम्मू और कश्मीर में मौसम ने ऐसा रूप दिखाया है, जिसने एक ओर जनजीवन को प्रभावित किया है, तो दूसरी ओर पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए नई उम्मीदें जगा दी हैं।
जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में शुक्रवार सुबह से ही तेज और लगातार बर्फबारी हो रही है। सफेद चादर से ढके पहाड़, सड़कें और घर घाटी को एक बार फिर ‘धरती का स्वर्ग’ साबित कर रहे हैं। श्रीनगर, पहलगाम, गुलमर्ग, बारामूला, रियासी और पूंछ जैसे क्षेत्रों में भारी हिमपात दर्ज किया गया है।
पुंछ में 6 साल बाद हुई तेज बर्फबारी, स्थानीय लोगों में खुशी
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में करीब 6 साल बाद इतनी तेज बर्फबारी देखने को मिली है। लंबे इंतजार के बाद हुई इस बर्फबारी से स्थानीय निवासियों में खासा उत्साह है। लोग अपने घरों से बाहर निकलकर बर्फबारी का आनंद लेते नजर आए।
एक स्थानीय महिला निवासी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा,
“मैं जम्मू से हूं। मेरी शादी को काफी साल हो गए हैं, लेकिन यहां मैंने पहली बार लाइव हिमपात देखा है। आज हम इसका भरपूर आनंद ले रहे हैं।”
स्थानीय लोगों का कहना है कि बर्फबारी से न सिर्फ मौसम सुहावना हुआ है, बल्कि इससे क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद भी है, जो उनकी आजीविका का प्रमुख स्रोत है।

पहलगाम में बर्फ की चादर, पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव
पर्यटन नगरी पहलगाम में भी भारी बर्फबारी हुई है। पहलगाम के देवदार के जंगल, नदियां और सड़कें बर्फ की मोटी परत से ढक गई हैं। देश के कोने-कोने से आए पर्यटक इस नजारे का जमकर लुत्फ उठा रहे हैं।
पुणे से आए एक पर्यटक ने बताया,
“हम पहली बार पहलगाम आए हैं और पहली बार ही इतनी तेज बर्फबारी देखने को मिली है। बहुत मजा आ रहा है। हम एक-दूसरे पर बर्फ के गोले फेंक रहे हैं। यह अनुभव जिंदगी भर याद रहेगा।”
पर्यटकों के लिए यह दिन किसी सपने से कम नहीं रहा, जहां प्राकृतिक सौंदर्य अपने चरम पर नजर आया।
फ्लाइट कैंसिल, लेकिन बर्फबारी ने बना दिया दिन खास
मुंबई से कश्मीर घूमने आई महिलाओं के एक समूह ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि वे कई दिनों से कश्मीर में घूम रही थीं, लेकिन आज जैसा नजारा पहले कभी देखने को नहीं मिला।
महिला पर्यटक ने कहा,
“आज हमें वापस लौटना था, लेकिन खराब मौसम की वजह से फ्लाइट कैंसिल हो गई। अगर फ्लाइट कैंसिल नहीं होती, तो शायद इतनी शानदार बर्फबारी देखने को नहीं मिलती। आज पूरा कश्मीर बर्फ से ढका हुआ है, ये वाकई जन्नत जैसा लग रहा है।”
हालांकि उड़ानों के रद्द होने से यात्रियों को परेशानी हुई, लेकिन प्रकृति की इस सुंदरता ने उस परेशानी को काफी हद तक भुला दिया।

बारामूला में बर्फबारी, बिजली गुल लेकिन चेहरे खिले
बारामूला जिले में भी तेज बर्फबारी दर्ज की गई है। भारी हिमपात के कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय लोगों के चेहरे पर मुस्कान है।
एक स्थानीय निवासी ने कहा,
“हम काफी समय से बर्फबारी का इंतजार कर रहे थे। आज आखिरकार बर्फ गिरी है। लाइट नहीं है, लेकिन मौसम ने दिल खुश कर दिया है। बर्फबारी और पर्यटकों के आने से ही हमारा घर चलता है।” स्थानीय लोगों का मानना है कि बर्फबारी के बाद पर्यटन में तेजी आएगी, जिससे होटल, टैक्सी, गाइड और छोटे व्यापारियों को फायदा होगा।
शिमला में सीजन की पहली बर्फबारी, शहर में यातायात ठप
पहाड़ी की रानी शिमला सहित जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई है, जबकि अन्य क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई है। शिमला समेत कई स्थानों पर बर्फीला तूफान भी चल रहा है। महीनों के सूखे के बाद हुई इस बर्फबारी से किसानों और बागवानों को बड़ी राहत मिली है। इस दाैरान रिज व मालरोड पर सैलानियों ने जमकर मस्ती की।

पर्यटन और अर्थव्यवस्था के लिए वरदान
जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी को पर्यटन की रीढ़ माना जाता है। गुलमर्ग जैसे स्कीइंग डेस्टिनेशन में बर्फबारी होते ही पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ती है। होटल बुकिंग, स्थानीय हस्तशिल्प, टैक्सी सेवाएं और गाइडिंग जैसी गतिविधियों को इससे सीधा लाभ मिलता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मौसम इसी तरह अनुकूल रहा, तो आने वाले हफ्तों में घाटी में पर्यटकों की रिकॉर्ड आमद देखी जा सकती है।

दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। शुक्रवार की सुबह राजधानी और नोएडा समेत आसपास के इलाकों में बारिश हुई। वहीं, गरज के साथ तेज हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने पहले से ही गरज के साथ बौछारें पड़ने की भी चेतावनी जारी की थी। इन मौसमी बदलावों के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। यह मौसमी बदलाव अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है।
पश्चिमी यूपी में मौसम ने बदली करवट, तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी, तापमान में आई गिरावट
शुक्रवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों, एनसीआर और उत्तराखंड से सटे जिलों में मौसम अचानक बिगड़ गया। शामली, गाजियाबाद, मेरठ और सहारनपुर समेत कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलीं और हल्की बारिश दर्ज की गई। सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली में हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिससे दिन के अधिकतम तापमान में तेज गिरावट देखी गई।
27 जनवरी से फिर सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ, दिन-रात के तापमान में बना रहेगा उतार-चढ़ाव
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में 27 जनवरी से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके असर से पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों क्षेत्रों में दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। शनिवार को पश्चिमी यूपी में न्यूनतम तापमान में करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी के संकेत हैं।
कई जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, संभल और बदायूं में ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
तेज झोंकेदार हवाओं की चेतावनी
सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

लखनऊ में भी बदला मौसम का मिजाज
राजधानी लखनऊ में भी मौसम का असर साफ नजर आया। पश्चिमी यूपी में हुई बारिश के बाद सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव यहां भी दिखा। शुक्रवार देर रात से शनिवार सुबह तक कई इलाकों में रुक-रुककर रिमझिम बारिश हुई। आसमान में बादल छाए रहने से लोगों को ठंड का ज्यादा एहसास हो रहा है।
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