नई दिल्ली/लखनऊ। समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव से तलाक लेने का सार्वजनिक ऐलान किया है। प्रतीक यादव ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर लगातार दो पोस्ट साझा कर अपने वैवाहिक रिश्ते के समाप्त होने की बात कही, जिसके बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।
प्रतीक यादव ने पहली पोस्ट में अपर्णा पर गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा कि वह जल्द से जल्द तलाक लेने जा रहे हैं और उनके पारिवारिक रिश्ते टूटने के लिए अपर्णा को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने अपनी मानसिक स्थिति खराब होने की बात भी कही। दूसरी पोस्ट में प्रतीक ने दावा किया कि उनके माता-पिता और भाई से उनका रिश्ता टूट गया है और इसके पीछे केवल “शोहरत” को प्राथमिकता देने की सोच है। दोनों पोस्ट आठ घंटे के भीतर साझा की गईं।
अपर्णा यादव इस समय भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी हैं और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। प्रतीक (38) और अपर्णा (36) की शादी करीब 14 साल पहले, 4 दिसंबर 2011 को लव मैरिज के रूप में हुई थी। दोनों की दो बेटियां हैं। अपर्णा मूल रूप से उत्तराखंड के बिष्ट परिवार से हैं और शादी के बाद उन्होंने यादव उपनाम अपनाया।
2022 से रिश्तों में खटास की चर्चा
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, दोनों के रिश्तों में खटास वर्ष 2022 से बढ़ी, जब अपर्णा यादव ने समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा जॉइन की। बताया जाता है कि यह फैसला प्रतीक की इच्छा के विपरीत था। इससे पहले भी 5 फरवरी 2025 को प्रतीक ने सोशल मीडिया पर अपर्णा के खिलाफ पोस्ट किए थे, जिन्हें बाद में हटा लिया गया था।
सोमवार को किए गए पोस्ट के बाद अपर्णा और प्रतीक, दोनों ने फोन कॉल्स का जवाब नहीं दिया। अपर्णा के भाई से संपर्क करने पर उन्होंने आशंका जताई कि अकाउंट हैक भी हो सकता है और जल्द ही इस पूरे मामले पर आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा। वहीं, अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अपर्णा यादव ने 2017 में सपा के टिकट पर लखनऊ से विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। 2022 में टिकट न मिलने के बाद उन्होंने भाजपा जॉइन की, जिससे यह कदम यादव परिवार के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना गया। बाद में उन्हें राज्य महिला आयोग का उपाध्यक्ष बनाया गया।
प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहते हैं। उन्होंने ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से पढ़ाई की है और लखनऊ में रियल एस्टेट व फिटनेस से जुड़े व्यवसाय चलाते हैं। वे ‘द फिटनेस प्लानेट’ जिम और ‘जीव आश्रय’ संस्था से जुड़े हैं, जो स्ट्रीट डॉग्स के लिए काम करती है।
यह मामला निजी होने के बावजूद सोशल मीडिया पर आए बयानों के कारण सार्वजनिक बहस में बदल गया है। फिलहाल, दोनों पक्षों की ओर से आधिकारिक और विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है। प्रशासनिक या कानूनी प्रक्रिया को लेकर भी अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
