ओडिशा के बालासोर जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। जिले के जलेश्वर थाना क्षेत्र अंतर्गत चालंती गांव में कड़ाके की ठंड से बचने के लिए जलाई गई अंगीठी एक मासूम बच्चे के लिए जानलेवा हादसा बन गई। इस हृदयविदारक घटना में मात्र दो महीने का एक शिशु गंभीर रूप से झुलस गया, जिसकी हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, चालंती गांव निवासी तारन हेंब्रम अपने परिवार के साथ सर्दी से राहत पाने के लिए घर के आंगन में बने चूल्हे में अंगीठी जलाकर उसके पास बैठे हुए थे। ठंड अधिक होने के कारण परिवार के सभी सदस्य आग के नजदीक बैठे थे और इसी दौरान तारन हेंब्रम की पत्नी अपने दो महीने के बच्चे को गोद में लेकर चूल्हे के पास बैठी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक हुई एक छोटी सी असावधानी ने पूरे परिवार की खुशियों को पल भर में मातम में बदल दिया। बताया जा रहा है कि बच्चे की मां का ध्यान कुछ क्षणों के लिए भटका और उसी दौरान मासूम बच्चा उसके हाथों से फिसलकर सीधे जलती हुई अंगीठी में गिर गया। घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। जैसे ही बच्चे के गिरने की आवाज और चीख सुनाई दी, परिवार में अफरा-तफरी मच गई। परिजन घबराहट में तुरंत चूल्हे के अंदर हाथ डालकर बच्चे को बाहर निकाल लाए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आग की चपेट में आने से बच्चे के शरीर का आधे से ज्यादा हिस्सा बुरी तरह झुलस चुका था। मासूम की हालत देखकर घर में मौजूद हर व्यक्ति के होश उड़ गए और गांव में भी सनसनी फैल गई। बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती देख परिजनों ने बिना समय गंवाए उसे तत्काल बस्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे को गंभीर जलन हुई थी और उसकी स्थिति बेहद चिंताजनक थी। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने बेहतर और विशेष उपचार की जरूरत को देखते हुए बच्चे को बालासोर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल बच्चा वहीं भर्ती है और डॉक्टरों की एक विशेष टीम उसकी निगरानी में इलाज कर रही है। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, बच्चे की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और अगले कुछ दिन बेहद अहम बताए जा रहे हैं।