वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय के स्वतंत्रता भवन में बनारस फिजियो कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देशभर से फिजियोथेरेपी से जुड़े चिकित्सकों ने भाग लिया और आधुनिक मशीनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि दवाइयों के साथ फिजियोथेरेपी से मरीजों को तुरंत राहत मिलती है। आज फिजियोथेरेपी समाज की जरूरत बन चुकी है और फिजियोथैरेपिस्ट की मांग तेजी से बढ़ रही है। वाराणसी फिजियोथैरेपिस्ट संगठन के सचिव अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य फिजियोथेरेपी के महत्व को समझाना है और नए तकनीकी अपडेट्स को आम लोगों तक पहुंचाना है।
फिजियोथेरेपी अब स्वतंत्र इकाई के रूप में उभर रही है
ब्रजेश पाठक ने कहा कि पहले फिजियोथेरेपी को ऑर्थोपेडिक विभाग का एक हिस्सा माना जाता था, लेकिन आज हर बीमारी में इसकी भूमिका बढ़ती जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि फिजियोथेरेपी अब स्वतंत्र इकाई के रूप में उभर रही है और यह रोगियों के जीवन को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभा रही है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा,
“दवा के साथ ही फिजियोथेरेपी का महत्व बढ़ता जा रहा है। फिजियोथेरेपिस्ट रोगों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और स्वास्थ्य क्षेत्र में उनकी अहमियत को और बढ़ाना जरूरी है।”
उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रगति
ब्रजेश पाठक ने बताया कि उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य क्षेत्र में काफी आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एमबीबीएस और एमडी/एमएस की सीटें पिछले वर्षों की तुलना में तीन गुना बढ़ा दी गई हैं। यह कदम प्रदेश में बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
बीएचयू में फिजियोथेरेपी एवं ऑक्यूपेशनल थेरेपी सेंटर का निर्माण
उन्होंने बीएचयू में बनने वाले फिजियोथेरेपी एंड ऑक्यूपेशनल थेरेपी सेंटर के लिए सहयोग का भरोसा भी दिया। उन्होंने कहा कि इस सेंटर के लिए आवश्यक संसाधनों और तकनीकी सहायता में सरकार पूरी तरह सहयोग करेगी।
कॉन्क्लेव में चिकित्सा विशेषज्ञों की उपस्थिति
इस कार्यक्रम के आयोजन अध्यक्ष डॉ. पंकज सिंह ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार जताया। आयोजन समिति में डॉ. अमितेश गिरि, डॉ. मयंक सिंह, डॉ. अभिनव श्रीवास्तव, डॉ. अवनीश कुमार सिंह और डॉ. एसके मंडल शामिल थे।

कार्यक्रम में चिकित्सा और खेल जगत की कई प्रमुख हस्तियां भी उपस्थित रहीं। इनमें भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष संजय सिंह, विधायक सुशील सिंह, डॉ. शिप्रा धर, डॉ. विपिन सिंह, डॉ. गौरव त्यागी, डॉ. मेघा गुप्ता, डॉ. सोनी पांडेय और डॉ. श्रुति शामिल थे।
फिजियोथेरेपी की बढ़ती भूमिका
उप मुख्यमंत्री ने फिजियोथेरेपी की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह न केवल शारीरिक रोगों के इलाज में सहायक है, बल्कि मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य में भी इसकी अहमियत बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक स्वास्थ्य परिणाम और रोगियों की जीवन गुणवत्ता में सुधार फिजियोथेरेपिस्ट की दक्षता पर निर्भर करता है।
ब्रजेश पाठक ने आश्वस्त किया कि सरकार फिजियोथेरेपी और ऑक्यूपेशनल थेरेपी के क्षेत्र में नई पहल और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को प्रोत्साहित करेगी, जिससे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा और बेहतर होगी।
यह भी पढ़ें: पीएम मोदी ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ में युवाओं से करेंगे संवाद, भारत मंडपम में जुटे 3000 युवा







