Rampur: रामपुर जिले में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने निर्णायक कार्रवाई की है। रामपुर की तहसील स्वार के ग्राम भगवंत नगर में गाबर रुद्रपुर हाईवे प्राइवेट लिमिटेड द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी खनन किया जा रहा था। इस पर जिला प्रशासन ने तुरंत एक लेखपाल और एक कानूनगो को निलंबित कर दिया और कंपनी पर ₹3.63 करोड़ का नोटिस जारी किया। जांच समिति ने पाया कि लगभग 3 लाख 32 हजार 640 वर्ग मीटर क्षेत्र में 2.5 मीटर गहराई तक अवैध खनन किया गया था, जो नियमों का उल्लंघन था। इससे सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व नुकसान हुआ। इस मामले को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अवैध खनन को रोकने के लिए जांच तेज कर दी है।
डीएम की कार्रवाई से मामला उजागर हुआ
यह मामला तब उजागर हुआ जब मसवासी में एक हादसे में बच्चे की मौत के बाद डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने खनन वाहनों की जांच शुरू की। यदि यह जांच न होती तो अवैध खनन का यह सिलसिला जारी रहता। इस खनन में किसानों की भी मिलीभगत का संदेह जताया जा रहा है, क्योंकि वे किसी भी प्रकार की शिकायत दर्ज नहीं करा रहे थे। ओवरलोड वाहनों के जरिये मिट्टी और रेत ढोई गई। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर किसी कर्मचारी व अधिकारी को भनक नहीं लगी।

जुर्माने के बाद गावर कंपनी में हड़कंप
एनएचएआइ के हाईवे निर्माण के लिए मिट्टी आपूर्ति करा रही गावर रुद्रपुर हाइवे प्राइवेट लिमिटेड कंपनी 25 दिसंबर को खनन विभाग से मिली अनुमति समाप्त होने के बाद भी भगवंतनगर में लगातार अवैध खनन करती रही। यहां स्थित दो गाटा संख्या में 3.32 लाख घन मीटर का अवैध खनन कर डाला। डीएम के आदेश पर 3.63 करोड़ रुपये का जुर्माना गावर कंपनी पर लगाया गया, जिसके बाद कंपनी प्रबंधन में खलबली मच गई। कंपनी के लायजनिंग आफिसर शिवम सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना पक्ष दिए ही एकतरफा कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी कहा कि खनन विभाग ने 25 दिसंबर के बाद भी नई अनुमति के लिए उनके आवेदन को दबाए रखा था।

प्रशासन की कार्रवाई
डीएम के आदेश पर प्रशासन ने भगवंतनगर क्षेत्र से दो ओवरलोड वाहनों और छह अन्य डंपरों को सीज किया और राणा शुगर मिल, स्वार परिसर में खड़ा कर दिया। इसके अलावा, खान निरीक्षक द्वारा स्वार कोतवाली में गावर कंपनी और इसके खनन उपकरणों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई। खनन की निगरानी में लापरवाही पाए जाने पर लेखपाल सचिन सक्सेना और कानूनगो अजय सागर को निलंबित कर दिया गया है। खान निरीक्षक अजय से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
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