अयोध्या। नव्य-भव्य राम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर बुधवार को पूरी अयोध्या भक्ति और श्रद्धा के सागर में डूबी नजर आई। इस खास मौके पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंचे और सबसे पहले हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन और आरती की। इसके बाद दोनों नेताओं ने राम मंदिर पहुंचकर रामलला के दर्शन किए। आरती के बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने प्रभु श्रीराम को दंडवत प्रणाम किया। मंदिर परिसर में शंख, मंजीरे और ‘सीता राम, सीता राम’ के भजनों की गूंज से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
माता अन्नपूर्णा मंदिर में फहराई धर्म ध्वजा
हनुमानगढ़ी और राम मंदिर दर्शन के बाद राजनाथ सिंह माता अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा फहराई। करीब 70 फीट ऊंचे मंदिर पर 4.25 मीटर लंबी त्रिभुजाकार धर्म ध्वजा लहराई। यह ऐतिहासिक क्षण रहा, क्योंकि राम मंदिर परकोटे के मंदिरों में पहली बार धर्म ध्वजा फहराई गई। इससे पहले 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर पर धर्म ध्वजा फहराई थी।
परकोटा के मंदिरों में दिखी ऐतिहासिक छटा
राम मंदिर के परकोटे में बने सात मंदिरों—भगवान शिव, गणेश, हनुमान, सूर्य देव, देवी भगवती, अन्नपूर्णा माता और अन्य देवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। अब भक्त परिक्रमा के दौरान इन सभी मंदिरों के दर्शन कर पा रहे हैं।
अंगद टीला पर जनसभा, योगी ने साधा विपक्ष पर निशाना
इसके बाद राजनाथ सिंह और सीएम योगी अंगद टीला पहुंचे और जनसभा को संबोधित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या का नाम सुनते ही शांति का भाव आता है, लेकिन कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए इसे संघर्ष और उपद्रव का केंद्र बना दिया था। पिछली सरकारों के दौर में अयोध्या को लहूलुहान किया गया।
योगी ने 5 जुलाई 2005 के आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि आतंकियों ने अयोध्या में घुसने का दुस्साहस किया था, लेकिन PAC के जवानों ने उन्हें मौके पर ही ढेर कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम और बजरंगबली की कृपा से अयोध्या आज सुरक्षित और विकसित हो रही है।
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राजनाथ सिंह बोले- ऑपरेशन सिंदूर में राम की मर्यादा का पालन
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने भगवान राम की मर्यादा का पालन किया। उन्होंने कहा, “जैसे भगवान राम का उद्देश्य रावण का वध नहीं, बल्कि अधर्म का अंत था, वैसे ही हमारा लक्ष्य आतंक और आतंकियों के आकाओं को सबक सिखाना था। ऑपरेशन सिंदूर ने साबित किया कि आधुनिक भारत राम की मर्यादा का सच्चा उत्तराधिकारी है।”
उन्होंने योगी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में अयोध्या अभूतपूर्व बदलाव की गवाह बन रही है और यह विकास पूरे भारत के लिए गर्व का विषय है।
आध्यात्मिक तिथि पर मनाई गई वर्षगांठ
रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 22 जनवरी 2024 को हुई थी। उस दिन हिंदी पंचांग के अनुसार पौष शुक्ल द्वादशी थी। 31 दिसंबर वही तिथि होने के कारण दूसरी वर्षगांठ मनाई गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘X’ पर पोस्ट कर इसे आस्था और संस्कारों का दिव्य उत्सव बताया।
अयोध्या जी की पावन धरा पर आज रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ मनाई जा रही है। ये वर्षगांठ हमारी आस्था और संस्कारों का एक दिव्य उत्सव है। इस पावन-पुनीत अवसर पर देश-विदेश के सभी रामभक्तों की ओर से प्रभु श्री राम के चरणों में मेरा कोटि-कोटि नमन और वंदन! समस्त देशवासियों… pic.twitter.com/c1eY75MxDa
— Narendra Modi (@narendramodi) December 31, 2025
रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर अयोध्या ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यह नगरी केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि संस्कृति, सुरक्षा और समरसता का प्रतीक बन चुकी है। भक्ति, विकास और विश्वास का यह संगम आने वाले वर्षों में अयोध्या को विश्व पटल पर नई पहचान दिला रहा है।







