घर में बाथरूम की बदबू और कीड़ों से परेशान लोगों के लिए यह खबर बेहद राहत देने वाली है। सफाई के बाद भी बाथरूम से नमी और सीलन की गंध आना एक आम समस्या है। कई परिवार कमरे फ्रेशनर, कैमिकल स्प्रे और क्लीनर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यह खुशबू कुछ देर के बाद खत्म हो जाती है और बदबू वापस लौट आती है। वहीं कीड़े-मकौड़ों की समस्या भी इसी नमी की वजह से पैदा होती है। लाइफ़स्टाइल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सिर्फ एक घरेलू उपाय से इस दिक्कत को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है, वह भी बिना किसी कैमिकल और महंगे प्रोडक्ट के।
बदबू की असली वजह क्या है?
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि बाथरूम की दीवारों पर जमा नमी, कम वेंटिलेशन और एयर सर्कुलेशन की कमी की वजह से फफूंदी (फंगल लेयर) बनती है। खासतौर पर टॉयलेट के पीछे, सिंक के नीचे और कोनों में यह नमी लंबे समय तक फंसी रहती है। यही नमी बदबू, कीड़ों और एलर्जी जैसी समस्याओं का कारण बनती है।
यदि एग्जॉस्ट फैन कमज़ोर हो या वेंटिलेशन न हो, तो यह समस्या और बढ़ जाती है।

एक माचिस का डिब्बा और एक्टिवेटेड चारकोल
इस उपाय में सिर्फ एक माचिस का खाली डिब्बा और एक्टिवेटेड चारकोल की जरूरत होती है। चारकोल को खास प्रोसेस के बाद माइक्रो-पोर्स बनाया जाता है, जिसके कारण यह नमी और बदबू को स्पंज की तरह सोख लेता है। साइंटिफिक भाषा में इसे “Adsorption” कहा जाता है यानी हवा से बदबू को खींचकर अपने अंदर कैद करना।

ऐसे बनाएं नेचुरल बाथरूम प्यूरीफायर
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माचिस का खाली और सूखा डिब्बा लें
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4-5 एक्टिवेटेड चारकोल की टैबलेट्स को पीसकर पाउडर बनाएं
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पाउडर डिब्बे में भरकर ढक्कन बंद कर दें
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ऊपर की तरफ पिन या सुई से छोटे छेद कर दें
अब यह डिब्बा एक छोटे एयर-प्यूरीफायर की तरह काम करेगा, जो बदबू और नमी को सोखकर हवा को ताज़ा बनाएगा।
कहां रखें?
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टॉयलेट टैंक के पास या पीछे
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सिंक के पास ड्राई कॉर्नर में
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बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर
ध्यान रखें: जिस जगह पानी सीधे गिरता है, वहां न रखें।
कितने समय तक चलेगा?
जबकि केवल चारकोल 2-3 महीने तक प्रभावी रहता है। और नमी या बदबू वापसी पर इसे निकालकर धूप में सुखाएं, यह दोबारा एक्टिव हो जाएगा। ऐसा करने पर आपको बदबू का सामना नहीं करना पड़ेगा जिससे बाथरूम साफ और सुथरा भी रहेगा और साथ ही महकता भी रहेगा।
