भुना चना... प्रोटीन से भरपूर, सेहत का खजाना... लेकिन अगर यही चना मिलावटी हो, तो यह सेहत के लिए अमृत नहीं बल्कि जहर साबित हो सकता है... गोरखपुर से एक ऐसा ही मामला सामने आया है... जहां खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापा मारकर 30 टन मिलावटी भुना चना बरामद किया है... जांच में खुलासा हुआ है कि इन चनों को synthetic color से रंगकर पीला और चमकदार बनाया गया था, जिसे खाने से आपकी जान भी जा सकती थी...
प्रोटीन और फाइबर से भरपूर देसी चने भारतीय खानपान का अहम हिस्सा माने जाते हैं। भुने चने को लोग healthy snack समझकर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को खिलाते हैं। लेकिन अगर यही चने मिलावट का शिकार हो जाएं, तो यह सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से सामने आया मामला इसी ओर इशारा करता है, जहां synthetic रंग से रंगे करीब 30 क्विंटल भुने चने जब्त किए गए हैं।
खाद्य विभाग की इस बड़ी कार्रवाई ने न सिर्फ मुनाफाखोरों की पोल खोली है, बल्कि आम लोगों के लिए भी एक गंभीर चेतावनी दी है कि बाजार में मिलने वाला हर चमकदार और आकर्षक दिखने वाला खाद्य पदार्थ सुरक्षित हो, यह जरूरी नहीं।
कैसे हुआ मिलावट का खुलासा ?
मंगलवार को खाद्य विभाग को सूचना मिली थी कि भुने चने से भरी दो गाड़ियां छत्तीसगढ़ से गोरखपुर लाई गई हैं। ये गाड़ियां राजघाट थाना क्षेत्र के लाल डिग्गी स्थित ‘मां तारा ट्रेडर्स’ पर पहुंची थीं। सूचना मिलते ही खाद्य विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर छापा मारा।
छापेमारी के दौरान टीम ने 750 बोरी भुने चने बरामद किए। प्रत्येक बोरी में करीब 40 किलो चना भरा हुआ था। जब इन चनों के sample की जांच की गई, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में पुष्टि हुई कि चनों पर पीले रंग का synthetic कलर लगाया गया था, जो खाने के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है।
कपड़ों में इस्तेमाल होने वाला रंग, खाने में मिलाया गया
खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, चनों पर लगाया गया यह रंग वही synthetic color है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर कपड़ों और कागज को रंगने के लिए किया जाता है। इसका भोजन में इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस तरह का रंग देखने में चनों को ताजा और आकर्षक बना देता है, जिससे ग्राहक धोखे में आ जाते हैं।
सहायक खाद्य आयुक्त सुधीर सिंह ने बताया कि यह चना मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से लाया गया था और गोरखपुर से सटे जिलों – देवरिया, आजमगढ़, बस्ती, गोंडा और कुशीनगर तक सप्लाई किया जाना था। फिलहाल इस पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है कि इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
सेहत के लिए कितना खतरनाक है Syntehtic Color ?
जिला अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डॉक्टर बी.के. सुमन के अनुसार, इस तरह का synthetic color खाने के लिए नहीं बनाया जाता। इसके सेवन से किडनी और लीवर पर गंभीर असर पड़ सकता है। लंबे समय तक इसका सेवन करने से शरीर में जहरीले तत्व जमा हो सकते हैं, जिससे कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए यह और भी ज्यादा खतरनाक है। बच्चों में इससे Allergy, पेट दर्द, उल्टी और लंबे समय में अंगों को नुकसान पहुंच सकता है।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
खाद्य विभाग ने जब्त किए गए पूरे माल को नष्ट करने के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही सैंपल को आगे की लैब जांच के लिए भी भेजा गया है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उनके Licence Cancelled करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों ने साफ कहा है कि जो भी व्यापारी इस तरह के मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ऐसे चनों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
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