Hapur: दरोगा चला रहा था हनीट्रैप गैंग, दुष्कर्म के झूठे आरोप लगवाकर करता था वसूली

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Hapur जिले के सिंभावली थाने में तैनात एक एसआई का आपराधिक गिरोह से मिलीभगत कर हनीट्रैप गैंग चलाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि दरोगा दो हिस्ट्रीशीटर बदमाशों, एक पीआरडी जवान और एक महिला के साथ मिलकर लोगों को जाल में फंसाता था और दुष्कर्म के झूठे आरोप लगवाकर उनसे मोटी रकम वसूलता था। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दरोगा और उसका एक साथी फरार हैं।

महिला को बनाया गया गैंग का हिस्सा

पुलिस जांच में सामने आया है कि गैंग में एक महिला को शामिल किया गया था, जिसके जरिये हनीट्रैप की साजिश रची जाती थी। आरोपित पहले लक्ष्य व्यक्ति को किसी बहाने बुलाते, फिर महिला के जरिए उस पर दुष्कर्म का झूठा आरोप लगवाकर डराते और मोटी रकम की मांग करते थे।

प्रॉपर्टी डीलर को बनाया निशाना

ताजा मामला अमरोहा जिले का है। आरोप है कि अमरोहा के संभल क्षेत्र निवासी एक प्रॉपर्टी डीलर को प्लॉट दिखाने के बहाने बुलाया गया। इसके बाद उसे अगवा कर गैंग की महिला के साथ आमना-सामना कराया गया और दुष्कर्म का आरोप लगाकर पांच लाख रुपये की मांग की गई। पीड़ित के पास सवा लाख रुपये ही उपलब्ध हो पाए,  तब आरोपितों ने धमकी देकर उसको छोड़ दिया।

सिंभावली थाने में तैनात है आरोपित दरोगा

इस प्रकरण में सिंभावली थाने में तैनात एसआई नितिन वर्मा का नाम सामने आने से पुलिस विभाग की छवि को गहरा धक्का लगा है। आरोप है कि नितिन वर्मा अपने हिस्ट्रीशीटर साथियों के साथ मिलकर लंबे समय से इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। उसने इस वारदात में थाने पर तैनात एक पीआरडी जवान को भी शामिल किया था।

यह भी पढ़ें : बहराइच पुलिस मुठभेड़ में आरोपी गिरफ्तार, आरोपी के पैर में लगी गोली

पुलिस ने चार आरोपितों को किया गिरफ्तार

पीड़ित की शिकायत पर अमरोहा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपितों में हिस्ट्रीशीटर खालिद निवासी रझेड़ा (थाना सिंभावली), पीआरडी जवान लाखन निवासी देहरा रायपुर (थाना बहादुरगढ़), हिस्ट्रीशीटर दीपक निवासी खेमसिंह कॉलोनी (थाना गजरौला, अमरोहा) और महिला कौसर पत्नी रियाजुल निवासी रझेड़ा शामिल हैं।

दरोगा और एक साथी फरार

पुलिस के मुताबिक, इस पूरे मामले का मुख्य आरोपित एसआई नितिन वर्मा और उसका साथी नवीन वर्मा फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच भी शुरू कर दी गई है।

पहले भी निलंबित हो चुका है दरोगा

अधिकारियों के अनुसार, एसआई नितिन वर्मा का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से ही संदिग्ध रहा है। उसे पिछले साल भी अपराधियों से मिलीभगत कर रुपये लेकर जानलेवा हमले का झूठा मुकदमा दर्ज करने के आरोप में निलंबित किया गया था। जांच में उस समय भी उसके खिलाफ गंभीर तथ्य सामने आए थे।

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