151st anniversary of Vande Mataram: देश की राष्ट्रीय चेतना का अमर स्वर, राष्ट्रपति मुर्मु ने देशवासियों को दी बधाई

151st anniversary of Vande Mataram

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151st anniversary of Vande Mataram: भारत के राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम‘ की रचना को 151 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस खास मौके पर देश भर में खुशी का माहौल है और कई प्रमुख नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखा गया यह गीत केवल शब्दों का समूह नहीं है, बल्कि यह हमारी मातृभूमि के प्रति सम्मान और प्रेम का प्रतीक रहा है। स्वतंत्रता संग्राम के दिनों से लेकर आज तक, जब भी यह गीत गूंजता है, हर भारतीय का दिल गर्व से भर जाता है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संदेश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (Droupadi Murmu) ने इस अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इस गीत ने देशभक्तों के बीच साहस, एकता और संकल्प को मजबूत करने का काम किया। आज भी यह हमारी राष्ट्रीय पहचान और स्वाभिमान का जरिया है। राष्ट्रपति ने कामना की कि सभी देशवासी ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को ध्यान में रखते हुए देश के विकास में अपना योगदान देते रहें। 

देश के दिग्गज नेताओं ने भी दी बधाई

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी इस खास दिन पर लोगों को शुभकामनाएं दीं। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह अमर गीत हमेशा हमारे भीतर देशप्रेम, त्याग और समर्पण की भावना को जगाता रहेगा।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने संदेश में कहा कि ‘वंदे मातरम’ भारत की चेतना का वह स्वर है जिसने स्वतंत्रता संग्राम के समय अनगिनत लोगों को आजादी की लड़ाई में उतरने के लिए प्रेरित किया। पराधीनता के कठिन दौर में यह गीत हर नागरिक के लिए एक बड़ा सहारा और मंत्र बना था। 

आजादी के आंदोलन से लेकर आज तक का सफर

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ मां भारती के प्रति अपार श्रद्धा का प्रकटीकरण है। इसने मुश्किल वक्त में भी देशवासियों के दिलों में आजादी की लौ जलाए रखी और सबको एक साथ जोड़े रखा।  

वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अमर गीत के रचयिता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय को नमन किया। उन्होंने कहा कि आजादी की प्रेरणा से लेकर आज विकसित भारत के निर्माण तक, ‘वंदे मातरम’ हर पीढ़ी के राष्ट्र प्रेम का स्वर बना हुआ है।  

बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी कहा कि यह केवल एक गीत नहीं है, बल्कि हमारे देशभक्तों के त्याग और बलिदान की अमर अभिव्यक्ति है। 151 साल बीत जाने के बाद भी इसकी प्रासंगिकता उतनी ही बनी हुई है और यह आने वाली पीढ़ियों को भी अपने देश के प्रति जिम्मेदारी और कर्तव्य का अहसास कराता रहेगा।

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