Drug Trafficking Network : दिल्ली पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसकी कड़ियां दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और झारखंड तक फैली हुई थीं। इस मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 8.128 किलो हेरोइन बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 60 करोड़ रुपये बताई गई है। इस मामले का सबसे अहम खुलासा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुआ, जहां कथित तौर पर हेरोइन बनाने की फैक्ट्री चलाई जा रही थी। जांच में झारखंड के चतरा जिले में अफीम की अवैध खेती का मामला भी सामने आया है। आइए जानते हैं कि पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कैसे किया।
लखनऊ में हेरोइन फैक्ट्री का खुलासा
दिल्ली के रोहिणी जिला स्पेशल स्टाफ को नशीले पदार्थों की सप्लाई के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और 16 सितंबर को बेगमपुर इलाके में कार्रवाई करते हुए लक्ष्मण हुड्डा को गिरफ्तार किया। वह सुजुकी ग्रैंड विटारा कार में सवार था। पुलिस ने उसके पास से 300 ग्राम हेरोइन और 3 लाख रुपये नकद बरामद किए। पूछताछ के दौरान पुलिस को सप्लाई नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारी मिली। इसके बाद 17 सितंबर को हरियाणा के सोनीपत से अनिल उर्फ भोला को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, उसके पास से 501 ग्राम हेरोइन मिली। अनिल पर पहले से 12 आपराधिक मामलों में शामिल होने का आरोप है। दोनों आरोपियों से मिली जानकारी और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस लखनऊ तक पहुंची।
4 अक्टूबर को पुलिस ने लखनऊ के जानकीपुरम स्थित सीता कॉलोनी में छापा मारा। यहां बबलू नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, मौके से 6.275 किलो तैयार हेरोइन बरामद हुई। इसके अलावा हेरोइन बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायन, गैस सिलेंडर, मिक्सर ग्राइंडर, बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक कांटा भी मिला। पुलिस ने बताया कि मौके से सोडियम और एसिटिक एनहाइड्राइड समेत अन्य सामान जब्त किया गया है। जांच में सामने आया कि यह जगह कथित तौर पर हेरोइन तैयार करने के लिए इस्तेमाल की जा रही थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यहां तैयार किए गए नशीले पदार्थों की सप्लाई किन-किन जगहों पर की जाती थी।
बरेली और बदायूं तक पहुंची जांच
लखनऊ में कार्रवाई के बाद पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश शुरू की। पुलिस के मुताबिक, फैक्ट्री के कथित मालिक और मुख्य सप्लायर रुकसार अली उर्फ राजू को बरेली से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद 6 अक्टूबर को बरेली से ही अजाज अहमद को पकड़ा गया। पुलिस का आरोप है कि वह रुकसार को कच्ची अफीम उपलब्ध कराता था, जिसका इस्तेमाल हेरोइन बनाने में किया जाता था। जांच के दौरान 16 अक्टूबर को बदायूं से मोहम्मद अजहर को भी गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 551 ग्राम हेरोइन, 9.81 लाख रुपये से अधिक नकद और एक हुंडई क्रेटा कार बरामद हुई। पुलिस के अनुसार, अजहर भी इस नेटवर्क में हेरोइन और कच्ची अफीम की सप्लाई से जुड़ा था।
झारखंड में अफीम की खेती का भी खुलासा
इस मामले की जांच उत्तर प्रदेश तक ही सीमित नहीं रही। पुलिस की टीम झारखंड के चतरा जिले तक पहुंची, जहां 18 अक्टूबर को प्रकाश कुमार को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस का आरोप है कि प्रकाश अपनी कृषि भूमि पर अवैध रूप से अफीम की खेती करता था और नेटवर्क से जुड़े लोगों को कच्ची अफीम सप्लाई करता था। इस खुलासे से जांचकर्ताओं को नशीले पदार्थों के स्रोत से लेकर उनकी तैयारी और सप्लाई तक की कड़ियों को जोड़ने में मदद मिली। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पूरी कार्रवाई में कुल 8.128 किलो हेरोइन बरामद की गई है। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 60 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा 12 लाख 81 हजार 700 रुपये नकद, तीन एसयूवी, एक रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल और हेरोइन बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान जब्त किया गया है।