NHAI New Guidelines : देश में बनने वाले हाई-स्पीड राष्ट्रीय राजमार्गों (High-Speed National Highways) को लेकर एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने ऐसे राजमार्गों के डिजाइन, चौड़ाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। अब देश में बनने वाले सभी नए हाई-स्पीड हाईवे एक तय और एक समान मानक (Standard Layout) के तहत ही तैयार किए जाएंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हाईवे पर वाहनों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी और अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगने से हादसों में काफी कमी आएगी।
एनएचएआई हाईवे डिजाइन मानक: पूरे देश में लागू होंगे एक समान नियम
एनएचएआई के अनुसार, इन नए दिशानिर्देशों का मुख्य उद्देश्य हाई-स्पीड राष्ट्रीय राजमार्गों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करते समय एक समान नियम लागू करना है। आपको बता दें कि अब तक एक्सप्रेसवे को छोड़ दें, तो अन्य हाई-स्पीड राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए अलग से कोई समान डिजाइन स्टैंडर्ड नहीं था। अलग-अलग प्रोजेक्ट्स में अलग-अलग मानक अपनाए जाते थे, जिससे सड़क सुरक्षा और गुणवत्ता में अंतर आ जाता था। अब नए नियमों से देश के सभी हाई-स्पीड हाईवे के डिजाइन और सुरक्षा ढांचे में एकरूपता आ जाएगी।
हाई-स्पीड राष्ट्रीय राजमार्ग: ट्रैफिक के हिसाब से तय होगी सड़क की चौड़ाई
एनएचएआई ने साफ किया है कि अब सड़कों की चौड़ाई और लेन की संख्या वहां से रोजाना गुजरने वाले वाहनों की अनुमानित संख्या के आधार पर तय की जाएगी:
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4-लेन हाईवे (15 हजार तक वाहन): जिन रूटों पर रोजाना औसतन 15,000 तक वाहन गुजरने का अनुमान होगा, वहां 4-लेन हाईवे बनाए जाएंगे। इनके लिए सड़क की चौड़ाई 60 मीटर तय की गई है। इस रूट पर बनने वाले पुल और अंडरपास भी 4-लेन के हिसाब से ही तैयार किए जाएंगे।
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6-लेन हाईवे (25 से 40 हजार वाहन): जिन मार्गों पर रोजाना 25,000 से 40,000 वाहनों की आवाजाही का अनुमान होगा, वहां 6-लेन हाईवे का निर्माण किया जाएगा। इनके लिए सड़क की चौड़ाई 70 मीटर रखी जाएगी।
हाईवे का काम शुरू करने से पहले एनएचएआई यह बारीकी से देखेगा कि उस रास्ते पर वर्तमान में कितना ट्रैफिक है और भविष्य में वाहनों की संख्या में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है।
एक्सप्रेसवे सुरक्षा नियम: प्रवेश और निकास की पहले ही मिलेगी पूरी जानकारी
हाईवे पर सफर को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए साइन बोर्ड व्यवस्था को और बेहतर किया जाएगा। गाड़ियों के हाईवे पर चढ़ने या उतरने के स्थान (Exit/Entry Points) से काफी पहले ही ड्राइवरों को बड़े साइन बोर्ड के जरिए अलर्ट कर दिया जाएगा। इससे वाहन चालकों को सही लेन चुनने और गाड़ी की रफ्तार धीमी करने का पर्याप्त समय मिल सकेगा। इसके अलावा हवाई अड्डों, बंदरगाहों, लॉजिस्टिक्स पार्कों, औद्योगिक क्षेत्रों और बड़े पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाले मुख्य रास्तों पर विशेष रैंप वाले इंटरचेंज बनाए जाएंगे।
आवारा पशुओं से सुरक्षा: सड़क किनारे बनेगी 1 मीटर ऊंची दीवार
हाई-स्पीड कॉरिडोर पर रफ्तार के दौरान अचानक आवारा पशुओं या किसी अनधिकृत व्यक्ति के आ जाने से अक्सर भीषण हादसे हो जाते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए एनएचएआई ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब ऐसे सभी हाई-स्पीड हाईवे के बाहरी किनारों पर एक मीटर ऊंची मजबूत दीवार बनाई जाएगी। इससे हाईवे पर बिना अनुमति प्रवेश पूरी तरह बंद होगा और सफर अधिक सुरक्षित बन सकेगा।
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