Kanpur Dehat Factory Fire : कानपुर देहात के गजनेर थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और भयानक हादसे की खबर सामने आई है। जरिहा गांव में स्थित ‘ओउम जेवीआरडी टायर फैक्ट्री’ में सोमवार शाम को अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि फैक्ट्री परिसर में मौजूद फ्यूल टैंक इसकी चपेट में आ गया और उसमें एक जोरदार धमाका हो गया। इस अचानक हुए ब्लास्ट और आग की चपेट में आने से फैक्ट्री में काम कर रहे दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। चलिए आपको बताते हैं कि इस हादसे में क्या-क्या हुआ और दमकल विभाग ने स्थिति को कैसे संभाला।
कानपुर देहात भीषण हादसा: शाम ढलते ही मची अफरा-तफरी
सोमवार शाम करीब 6 बजे जब फैक्ट्री में काम चल रहा था, तभी अचानक आग की लपटें उठती दिखाई दीं। आग देखते ही देखते इतनी विकराल हो गई कि वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। माती फायर स्टेशन को जैसे ही घटना की सूचना मिली, मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव की अगुवाई में 3 फायर टेंडर तुरंत मौके के लिए रवाना किए गए। लेकिन जब तक दमकल की गाड़ियां पहुंचीं, तब तक आग फैक्ट्री के फ्यूल टैंक तक पहुंच चुकी थी।
जरिहा गांव फैक्ट्री ब्लास्ट: एक टैंक में हुआ तेज धमाका
फैक्ट्री परिसर में दो बड़े फ्यूल टैंक मौजूद थे, जिनमें से एक टैंक आग की चपेट में आ चुका था। दमकल कर्मी अभी आग पर काबू पाने की कोशिश कर ही रहे थे कि तभी उस फ्यूल टैंक में एक जोरदार धमाका हो गया। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास का पूरा इलाका दहल उठा और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
धमाके के तुरंत बाद दमकल कर्मियों ने सूझबूझ दिखाई और सबसे पहले दूसरे फ्यूल टैंक को आग से बचाने के लिए उसकी कूलिंग (ठंडा करने की प्रक्रिया) शुरू कर दी, ताकि कोई बड़ा हादसा होने से रोका जा सके।
दमकल टीम रेस्क्यू ऑपरेशन: आधे घंटे की मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू
आग की भीषणता को देखते हुए दमकल टीम ने पानी के साथ-साथ विशेष फोम (Foam) का इस्तेमाल किया। लगातार पानी और फोम की बौछार करके करीब 30 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह से नियंत्रित कर लिया गया। हालांकि, तब तक इस हादसे में दो मजदूर अपनी जान गंवा चुके थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के उच्च अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और पूरे परिसर का जायजा लिया।
जांच में जुटे अधिकारी
फिलहाल आग लगने के मुख्य कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और दमकल विभाग की टीमें इस बात की जांच कर रही हैं कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या सुरक्षा में कोई चूक हुई थी। इसके साथ ही मृतकों की शिनाख्त की जा रही है और फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था मानकों के अनुरूप थी या नहीं, इसकी भी गहन जांच की जा रही है।
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