LPG Cylinder Subsidy : अगर आप भी रसोई गैस का इस्तेमाल करते हैं और हर महीने सब्सिडी का लाभ उठाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। सरकार ने एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। 1 अक्टूबर 2026 से सब्सिडी वाले सिलेंडर की बुकिंग जारी रखने के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कराना पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय का कहना है कि इस कदम से फर्जी और डुप्लीकेट कनेक्शनों की पहचान होगी और सब्सिडी का लाभ सिर्फ सही और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचेगा।
सरकारी फैसले के पीछे की मुख्य वजह
अक्सर देखा गया है कि घरेलू इस्तेमाल के लिए मिलने वाले सब्सिडी वाले सिलेंडरों का गलत तरीके से व्यावसायिक और औद्योगिक कामों में उपयोग किया जाता है। सरकार के इस नए नियम से ऐसे गलत इस्तेमाल पर लगाम लगेगी।
जब हर एलपीजी कनेक्शन उपभोक्ता के आधार से बायोमेट्रिक रूप से जुड़ जाएगा, तो अपात्र और फर्जी कनेक्शन अपने आप सिस्टम से बाहर हो जाएंगे। हालांकि, अगर आपने यह प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली है, तो आपको घबराने या दोबारा कुछ करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आप पहले की तरह ही आसानी से अपना सिलेंडर बुक कर सकेंगे।
घर बैठे या डिलीवरी के समय कैसे पूरी करें प्रक्रिया?
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए इस प्रक्रिया को बहुत आसान बनाया गया है। आप अपनी सहूलियत के हिसाब से इनमें से कोई भी विकल्प चुन सकते हैं:
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डिलीवरी बॉय के जरिए: जब आपका सिलेंडर घर आए, तब डिलीवरी कर्मचारी के मोबाइल ऐप के जरिए तुरंत फिंगरप्रिंट या चेहरा स्कैन कराकर बायोमेट्रिक सत्यापन करा सकते हैं।
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गैस एजेंसी जाकर: आप सीधे अपने एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के शोरूम में जाकर भी अपनी ई-केवाईसी पूरी करा सकते हैं।
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मोबाइल ऐप से: इंडेन के ग्राहक ‘IndianOil One’, भारत गैस के उपभोक्ता ‘Hello BPCL’ और एचपी गैस के ग्राहक ‘HP Pay’ ऐप का इस्तेमाल करके खुद भी यह काम पूरा कर सकते हैं।
प्रमाणीकरण न कराने पर क्या होगा?
यदि कोई उपभोक्ता यह बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं कराना चाहता है, तो ऐसा नहीं है कि उसकी गैस सप्लाई बंद कर दी जाएगी। सिलेंडर की डिलीवरी तो जारी रहेगी, लेकिन उन्हें सरकारी सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे ग्राहकों को सिलेंडर की पूरी बाजार कीमत (कमर्शियल रेट) चुकानी होगी।
अगर कोई उपभोक्ता बिना सब्सिडी वाला विकल्प चुनता है, तो वह कंपनी के वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप, व्हाट्सऐप या आईवीआरएस के जरिए अपनी पसंद दर्ज करा सकता है। ऐसे ग्राहकों को स्थानीय उपलब्धता के अनुसार 5 किग्रा या 10 किग्रा वाले सिलेंडर भी मिल सकेंगे।
अब तक कितने लोग पूरा कर चुके हैं यह काम?
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, देश में करीब 90 प्रतिशत सक्रिय उपभोक्ता यानी लगभग 27.43 करोड़ लोग पहले ही अपना बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करवा चुके हैं।
तेल कंपनियां अक्टूबर 2023 से ही देशभर में इसके लिए जागरूकता अभियान चला रही हैं। इसके लिए एसएमएस, व्हाट्सऐप संदेश, कैंप और रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं। सितंबर 2026 में 14.2 किलो वाले सिलेंडर पर करीब 210 रुपये की अप्रत्यक्ष सब्सिडी मिल रही थी, इसलिए सही लोगों तक यह फायदा पहुंचाना सरकार के लिए बेहद जरूरी है।
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