Saharanpur News : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से अपराध की एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। जिले में 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोटों के मामले की चल रही एनआईए (NIA) जांच के बीच अब नकली सिक्कों के एक बड़े अंतर्राज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। नगर कोतवाली और एसओजी की संयुक्त पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आवास विकास कॉलोनी निवासी दो आरोपियों, कुलदीप और विपिन को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 20 रुपये के सिक्के के रूप में कुल 1.20 लाख रुपये मूल्य के जाली सिक्के बरामद किए हैं।
10 फीसदी कमीशन का चल रहा था खेल
पुलिस पूछताछ के दौरान इस रैकेट के काम करने के तरीके को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जाली सिक्कों को बाजार में खपाने के लिए बाकायदा 10 प्रतिशत कमीशन का एक तय सिस्टम बनाया गया था। आरोपी कुलदीप को बाजार में 4,000 रुपये के नकली सिक्के चलाने पर 400 रुपये का कमीशन दिया जाता था। इस खुलासे से यह साफ हो गया है कि सिक्के ढालने वाले, मुख्य सप्लायर और इन्हें आम जनता तक पहुंचाने वाले लोग अलग-अलग स्तर पर काम कर रहे हैं।
छोटे दुकानदारों को बनाते थे निशाना
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि कागजी नोटों की तुलना में लोग सिक्कों की प्रामाणिकता पर कम ध्यान देते हैं और आमतौर पर सिक्के बिना जांचे-परखे ले लेते हैं। इसी ढिलाई का फायदा उठाकर गिरोह छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी वालों और आम दुकानदारों को अपना निशाना बना रहा था। फिलहाल पुलिस और एसओजी की टीमें पकड़े गए आरोपियों से सख्ती से पूछताछ कर रही हैं ताकि सिक्के ढालने वाली मुख्य अवैध टकसाल और सप्लायर तक पहुंचा जा सके।
17.29 करोड़ के जाली नोट मामले की एनआईए जांच
गौरतलब है कि इससे पहले भी सहारनपुर में नकली भारतीय मुद्रा का एक बहुत बड़ा मामला सामने आ चुका है, जिसकी जांच एनआईए कर रही है। पंजाब नेशनल बैंक के करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोट बरामद होने के बाद हड़कंप मच गया था। इस मामले में बैंक के तीन वरिष्ठ कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई थी, जिन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि नए पकड़े गए नकली सिक्कों के मामले का फिलहाल उस पुराने जाली नोट कांड से कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया है।







