Yogi Adityanath road repair instructions: अगर आप उत्तर प्रदेश में रहते हैं या रोज सफर करते हैं, तो बारिश के मौसम में टूटी और गड्ढों से भरी सड़कों की वजह से होने वाली परेशानी को अच्छे से समझते होंगे। लेकिन अब आम जनता के लिए एक अच्छी खबर है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बारिश और बाढ़ के कारण खराब हुई सड़कों की तुरंत मरम्मत करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का मकसद है कि त्योहारों का मौसम शुरू होने से पहले ही राज्य की सभी मुख्य सड़कों को आवागमन के लायक बना दिया जाए।
त्योहारों से पहले आवागमन को सुगम बनाने की तैयारी
आने वाले दिनों में गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, नवरात्रि, दीपावली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा जैसे कई बड़े पर्व आने वाले हैं। इन त्योहारों के दौरान सड़कों पर लोगों का आना-जाना बहुत बढ़ जाता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रदेश भर में 681 ऐसे महत्वपूर्ण रास्तों की पहचान की गई है, जहां सबसे ज्यादा भीड़ होती है।
CM Yogi ने लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान स्पष्ट कहा कि त्योहारों के समय लोगों को यात्रा में किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसलिए इन चिन्हित मार्गों की मरम्मत को पहली प्राथमिकता पर रखा जा रहा है, ताकि श्रद्धालु और आम यात्री बिना किसी रुकावट के अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।
केवल पैचवर्क नहीं, स्थायी समाधान पर जोर
कई बार शिकायत आती है कि सड़कों पर गड्ढे भरने का काम सिर्फ औपचारिकता तक सीमित रह जाता है। इस पर सीएम योगी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी है कि गड्ढामुक्ति अभियान केवल खानापूर्ति या पैचवर्क बनकर न रह जाए।
जहां सड़क अभी बहुत खराब हालत में है, उसे तुरंत चलने योग्य (मोटरेबल) बनाया जाए। इसके बाद जैसे ही बारिश का मौसम पूरी तरह समाप्त होगा, जरूरत के हिसाब से उन सड़कों का स्थायी नवीनीकरण कराया जाएगा। इसके अलावा, निर्माणाधीन परियोजनाओं और भारी वाहनों की आवाजाही से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों का भी लगातार सर्वे कराया जा रहा है।
नौ विभागों की सड़कों पर एक साथ चलेगा अभियान
उत्तर प्रदेश में सड़कों को सुधारने का यह अभियान केवल एक विभाग तक सीमित नहीं है। इसमें शासन के नौ अलग-अलग विभाग मिलकर काम कर रहे हैं, जिनके पास कुल 4.36 लाख किलोमीटर लंबी सड़कों का नेटवर्क है।
वर्तमान लक्ष्य के अनुसार लगभग 50 हजार किलोमीटर सड़कों को पूरी तरह गड्ढामुक्त बनाया जाना है। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक करीब 5,751 किलोमीटर सड़कों पर मरम्मत का काम पूरा भी कर लिया गया है। इसके अलावा 30 हजार किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण और 5 हजार किलोमीटर सड़कों की विशेष मरम्मत की योजना तैयार की गई है, जिसमें से काफी काम पूरा हो चुका है।
आम जनता से जुड़े रास्तों पर रहेगा विशेष ध्यान
सड़कें सीधे आम आदमी के रोजमर्रा के जीवन से जुड़ी होती हैं। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि अस्पतालों, स्कूलों, कॉलेजों, मुख्य बाजारों और सरकारी कार्यालयों को जोड़ने वाले मार्गों की हालत सबसे पहले सुधारी जाए।
इसके साथ ही केंद्र सरकार के सड़क परिवहन मंत्रालय और राज्य के अन्य विभागों, जैसे पंचायती राज, मंडी परिषद, सिंचाई और नगर विकास के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि काम में तेजी लाने के साथ-साथ गुणवत्ता का भी पूरा ध्यान रखा जाए, ताकि सड़कें लंबे समय तक टिकाऊ रहें।
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