Kanpur Crime : उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर से अपराध की एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां किराए के एक छोटे से कमरे में हाई-टेक प्रिंटर की मदद से नकली नोट छापने का काला धंधा धड़ल्ले से चल रहा था। कानपुर कमिश्नरेट की स्वाट टीम और रेल बाजार थाना पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर इस शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से 2 लाख रुपये से अधिक के नकली नोट और छपाई में इस्तेमाल होने वाला पूरा सेटअप बरामद किया है।
1 हजार के असली नोट पर 3 हजार के नकली नोट का ऑफर
जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के काम करने का तरीका बेहद अनोखा और खतरनाक था। ये शातिर बदमाश लोगों को फंसाने के लिए ‘1 हजार रुपये असली लाओ और 3 हजार रुपये के नकली नोट ले जाओ’ का स्कीम चलाते थे। यह सुनने में किसी लुभावने ऑफर जैसा लगता था, लेकिन इसके पीछे नकली करेंसी को बाजार में खपाने का बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।
पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपी हिट एंड रन फॉर्मूला अपनाते थे। वे अचानक अपने ग्राहक ढूंढते थे, नोट बदलते थे और तुरंत वहां से गायब हो जाते थे। ये बदमाश कभी भी एक जगह या एक व्यक्ति को दोबारा नकली नोट नहीं देते थे।
रामलीला ग्राउंड के पास किराए के कमरे में चल रही थी मिनी टकसाल
एडीसीपी एसएस रामटेके और ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर संकल्प शर्मा के मुताबिक, मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने रामलीला ग्राउंड के पास एक कमरे की घेराबंदी की। यहां से पुलिस ने सोमिल गुप्ता, शेर सिंह और रोशन अली नाम के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
ये आरोपी पिछले चार महीनों से इस किराए के कमरे में अपनी अवैध मिनी टकसाल चला रहे थे। इनके निशाने पर अक्सर कम पढ़े-लिखे, मजदूर और सीधे-सादे लोग होते थे, जिन्हें 500, 100 और 50 रुपये के मूल्य वाले नकली नोट थमा दिए जाते थे।
2 लाख से अधिक की फेक करेंसी और प्रिंटर बरामद
पुलिस ने जब इनके ठिकाने पर छापेमारी की, तो मौके से कुल 2 लाख 4 हजार 650 रुपये के जाली नोट बरामद हुए। इनमें 100 रुपये के 1991 नोट, 50 रुपये के 71 नोट और 500 रुपये के 4 नकली नोट शामिल हैं। इसके अलावा नोट छापने वाला प्रिंटर, कैंची, दो पेपर कटर, दो स्केल, इंक की बोतलें और छपाई में इस्तेमाल होने वाला स्पेशल पेपर भी जब्त किया गया है।
आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास
पकड़े गए तीनों अपराधी पुलिस के लिए नए नहीं हैं। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने बताया कि इनके खिलाफ पहले से ही चोरी, छिनतई और एनडीपीएस (NDPS) एक्ट जैसे संगीन अपराधों के करीब 15 मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल रेलबाजार थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और इनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क के बाकी साथियों का पता लगाया जा रहा है।







