Mirzapur : विंध्याचल स्थित एक कालीन कारखाने में बुधवार की शाम श्रम विभाग और एचटीयू (ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) की संयुक्त टीम ने बचाव अभियान चलाया। इस अभियान में फैक्ट्री से कुल 27 नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया गया। बचाए गए बच्चों को तुरंत चाइल्ड लाइन टीम के सुपुर्द किया गया। इन सभी बच्चों का मूल निवासी बिहार के अररिया जिला है।
श्रम विभाग को सूचना मिली थी कि इस कालीन फैक्ट्री में नाबालिग बच्चों से काम लिया जा रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने दूधनाथ तिराहा स्थित फैक्ट्री में देर शाम रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। वहां कुल 27 बच्चे बाल मजदूर के रूप में काम करते पाए गए। टीम ने सभी बच्चों को सुरक्षित निकालकर पहले पुलिस लाइन ले जाया और फिर उन्हें चाइल्ड लाइन को सौंप दिया।
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टीम के अनुसार, फैक्ट्री में मुख्य रूप से कालीन बुनाई का कार्य होता था और इसे नाबालिग बच्चों से कराया जा रहा था। फैक्ट्री का एक व्यक्ति बिहार के अररिया से इन बच्चों को लाकर यहां काम कराता था। सभी बच्चों को लगभग चार महीने पहले फैक्ट्री में लाया गया था।
इस मामले में बच्चों का शोषण करने वाले लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, सहायक श्रमायुक्त सतीश सिंह, एचटीयू उपनिरीक्षक बलिराम यादव, लाल बहादुर यादव, शिवम तिवारी और संतोष सिंह शामिल थे। एचटीयू के सब-इंस्पेक्टर बलिराम यादव ने बताया कि अब तक 27 बच्चों को सुरक्षित बचाया जा चुका है और आगे की कार्रवाई जारी है। बाल श्रम करवाने वालों के खिलाफ आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।







