Mumbai dahi handi celebrations: जन्माष्टमी के मौके पर मुंबई और आसपास के इलाकों में शनिवार को दही हांडी (dahi handi) का अलग ही उत्साह देखने को मिला। मध्य मुंबई के लालबाग और दादर की संकरी गलियों से लेकर ठाणे के बड़े मैदानों तक दिन भर ढोल-ताशों की गूंज बनी रही। जगह-जगह युवक और युवतियों की गोविंदा टोली ऊंचे मानव पिरामिड बनाकर दही से भरी मटकियां फोड़ने की कोशिश करती नजर आई।
महीनों का अभ्यास और मैदानों में दिखा जोश
महीनों की कड़ी मेहनत के बाद गोविंदा टोलियां सुबह से ही अपनी-अपनी रंग-बिरंगी पोशाक पहनकर ट्रकों और टेंपो में सवार होकर अलग-अलग आयोजन स्थलों की ओर निकल पड़ीं। शहर के व्यस्त चौराहों, आवासीय सोसाइटियों और बड़े मैदानों में गुब्बारों व फूलों से सजी हांडियों को काफी ऊंचाई पर लटकाया गया था।
इन आयोजनों में गोविंदाओं का हौसला बढ़ाने के लिए हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर मौजूद रहे। मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में नेताओं और सामाजिक संस्थाओं द्वारा आयोजित दही हांडी कार्यक्रमों में लाखों रुपये के इनाम रखे गए थे, जो हर साल की तरह इस बार भी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे।
संगीत का तड़का और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
परेल, वर्ली, भांडुप, मुलुंड, जोगेश्वरी और अंधेरी में स्पीकरों पर दिनभर लोकप्रिय हिंदी और मराठी गीत बजते रहे, जिससे पूरे शहर में जश्न का माहौल बन गया।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद दिखा। किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया था और यातायात को संभालने के लिए भी खास इंतजाम किए गए थे।
BMC ने अस्पतालों में तैयार किए 100 से अधिक बेड
दही हांडी के दौरान कई स्तर ऊंचे पिरामिड से गिरकर गोविंदाओं के घायल होने का जोखिम रहता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने आपात स्थिति के लिए बीएमसी अस्पताल व्यवस्था को अलर्ट पर रखा।
बीएमसी ने अपने 16 उपनगरीय अस्पतालों के अलावा केईएम अस्पताल, सायन अस्पताल और नायर अस्पताल में गोविंदाओं के उपचार के लिए 100 से ज्यादा बेड रिजर्व रखे। इसके साथ ही डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की इमरजेंसी टीमों को भी तैयार रखा गया ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज मिल सके।
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