Indian Air Force : राजस्थान सीमा पर भारतीय वायुसेना का महा-अभ्यास: 21 सितंबर से 17 दिनों तक थरराएगा पश्चिमी आसमान

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Indian Air Force : भारतीय वायुसेना (IAF) पश्चिमी सीमा पर अपनी ताकत का सबसे बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है। सामने आई जानकारी के अनुसार, वायुसेना राजस्थान से सटे सीमावर्ती इलाकों में 17 दिनों का विशाल युद्धाभ्यास शुरू करने जा रही है। यह युद्धाभ्यास 21 सितंबर से शुरू होकर 7 अक्टूबर तक चलेगा।

इस सैन्य अभ्यास के लिए जैसलमेर, बाड़मेर, फलोदी और जोधपुर सेक्टर के हवाई क्षेत्र को आरक्षित कर दिया गया है। साथ ही बीकानेर स्थित नाल (NAL) हवाई क्षेत्र को भी अस्थायी रूप से बंद किया गया है। भारत के इस कड़े कदम और नोटिस टू एयरमैन (NOTAM) जारी होने के बाद पाकिस्तान में खलबली मच गई है और उसने अपनी सीमाओं पर निगरानी बढ़ा दी है। आइए जानते हैं इस युद्धाभ्यास से जुड़ी सभी अहम बातें।

भारतीय वायुसेना का युद्धाभ्यास

भारतीय वायुसेना का यह युद्धाभ्यास जैसलमेर-बाड़मेर-फलोदी-जोधपुर सेक्टर में 40,000 फीट की ऊंचाई तक फैले विशाल हवाई क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान भारतीय वायुसेना के राफेल, सुखोई-30 एमकेआई और तेजस जैसे अत्याधुनिक फाइटर जेट्स अपनी परिचालन क्षमताओं और युद्ध कौशल का प्रदर्शन करेंगे।

खबरें हैं कि यह अभ्यास वायुसेना के बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति 2026’ (Tarang Shakti) का ही हिस्सा हो सकता है, जो जोधपुर में आयोजित होने जा रहा है। तरंग शक्ति अभ्यास में भारत के अलावा दुनिया के कई मित्र देशों की वायुसेनाएं भी हिस्सा लेती हैं और संयुक्त हवाई युद्ध का अभ्यास करती हैं।

भारत के कदम से पाकिस्तान में बढ़ी घबराहट

भारतीय वायुसेना द्वारा जारी किए गए NOTAM और सीमा पर हलचल को देखते हुए पाकिस्तान की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। पाकिस्तानी रक्षा मंत्रालय ने स्थिति की समीक्षा के लिए अपने वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले को पाकिस्तान के ‘चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज’ के संज्ञान में भी लाया गया है। एहतियात के तौर पर पाकिस्तान ने भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) पर अपने सर्विलांस और रडार सिस्टम को हाई अलर्ट पर रख दिया है।

आखिर क्या है इस अभ्यास का मुख्य मकसद?

इस 17 दिवसीय युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य भारतीय वायुसेना की ऑपरेशनल तैयारियों, विभिन्न स्क्वाड्रनों के बीच बेहतर तालमेल, त्वरित तैनाती के तरीकों और सैन्यकर्मियों की तत्परता को परखना है।

आपात स्थिति में सीमाओं की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए वायुसेना समय-समय पर इस तरह के बड़े अभ्यास आयोजित करती रहती है, ताकि किसी भी संभावित खतरे का तुरंत और मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके।

जानिए क्या होता है NOTAM?

आम भाषा में NOTAM का मतलब ‘नोटिस टू एयरमैन’ (Notice to Airmen) होता है। यह एक आधिकारिक चेतावनी या सूचना होती है, जो किसी असामान्य स्थिति, सैन्य युद्धाभ्यास, मिसाइल परीक्षण या रॉकेट लॉन्चिंग के दौरान जारी की जाती है।

NOTAM जारी करने का मुख्य मकसद निर्धारित समय और तय हवाई क्षेत्र में नागरिक उड़ाने (Civilian Flights) और सैन्य विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है, ताकि कोई अप्रिय घटना या हादसा न हो।

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