Krishna Janmashtami : पूरे देश में श्री कृष्ण जन्मोत्सव की धूम देखने को मिल रही है। इस पावन अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। अपने विशेष संदेश में राष्ट्रपति ने लोगों से भगवान श्री कृष्ण की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने और देश की प्रगति के लिए एकजुट होकर काम करने की अपील की है। आइए जानते हैं राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने इस संदेश में देश के नाम क्या खास बातें कही हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू की जन्माष्टमी बधाई
राष्ट्रपति मुर्मू की जन्माष्टमी बधाई संदेश में उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण का जीवन और उनके विचार हमारी सांस्कृतिक व दार्शनिक विरासत की आत्मा हैं। उन्होंने देश और विदेश में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को इस पावन पर्व की बधाई दी। राष्ट्रपति ने कहा कि श्री कृष्ण ने हम सभी को सत्य, न्याय, करुणा और निस्वार्थ भाव से सेवा करने का मार्ग दिखाया है। यह पवित्र त्योहार हम सभी को आपसी भाईचारे और कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहने का संदेश देता है।
विकसित भारत के निर्माण का लिया संकल्प
अपने संदेश में राष्ट्रपति ने नागरिकों से एक मजबूत और समृद्ध राष्ट्र बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी के इस शुभ अवसर पर हम सभी को भगवान कृष्ण के दिखाए आदर्शों पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें एक समावेशी और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में बिना थके लगातार प्रयास करते रहना होगा, ताकि समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके।
भगवद्गीता की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक
राष्ट्रपति मुर्मू ने भगवद्गीता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसमें निहित भगवान कृष्ण के उपदेश मानवता के लिए मार्गदर्शन का एक शाश्वत स्रोत हैं। कठिन समय में सही फैसले लेने और अपने नैतिक मूल्यों पर टिके रहने की प्रेरणा हमें गीता से ही मिलती है। यह पावन पर्व हमें अपने कर्तव्यों का पालन पूरी ईमानदारी और भक्ति के साथ करने का रास्ता दिखाता है।
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