Farrukhabad News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज फर्रुखाबाद जिले के दौरे पर आ रहे हैं। गंगा नदी में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों का हाल-चाल जानने और उन्हें राहत पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुलिस लाइन मैदान में हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद बाढ़ पीड़ितों के बीच एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान वे बाढ़ से बेघर हुए और प्रभावित लोगों को राहत सामग्री, मकान बनाने के लिए आर्थिक मदद और आवासीय भूमि के पट्टे भी सौंपेंगे। आइए जानते हैं सीएम योगी के इस फर्रुखाबाद दौरे की सभी प्रमुख बातें।
सीएम योगी का फर्रुखाबाद दौरा
अपने तय कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह 11:30 बजे पुलिस लाइन मैदान में बने विशेष हेलीपैड पर उतरेंगे। सीएम योगी का फर्रुखाबाद दौरा करीब 40 मिनट का होगा। जनसभा को संबोधित करने के बाद वे 1,000 बाढ़ पीड़ितों को 26 तरह की खाद्य और दैनिक जरूरत की सामग्रियों वाली राहत किट वितरित करेंगे। इसके साथ ही, बाढ़ में अपने घर गंवा चुके बेघर ग्रामीणों को मकान निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक और आवासीय भूमि के पट्टे भी सौंपे जाएंगे। कार्यक्रम निपटाने के बाद दोपहर 12:20 बजे मुख्यमंत्री वापस लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे।
फर्रुखाबाद में गंगा की बाढ़ से 70 गांव प्रभावित
जिले में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर बह रहा है, जिससे लगभग 70 गांव पानी की चपेट में हैं। प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, 19,295 परिवारों के लगभग 78,671 लोग बाढ़ से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा करीब 7,200 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली फसलें बर्बाद हो चुकी हैं और 127 ग्रामीणों के आशियाने पूरी तरह से ढह गए हैं। राहत की बात यह है कि प्रशासन अब तक 96 प्रभावितों को मकान निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये दे चुका है और 67 बेघर लोगों को जमीन के पट्टे दिए जा चुके हैं।
वाटरप्रूफ टेंट और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए पुलिस लाइन मैदान में 6,000 वर्गमीटर का विशाल वाटरप्रूफ पंडाल बनाया गया है, जिसमें 10 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पूरे सभास्थल को चार ब्लॉकों में बांटा गया है।
सुरक्षा में 500 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ-साथ बाहर से आए 16 सीओ, 6 एएसपी, 60 इंस्पेक्टर और 300 सब-इंस्पेक्टर तैनात किए गए हैं। वहीं ग्रामीणों को सभास्थल तक आराम से पहुंचाने के लिए 174 बसों का इंतजाम किया गया है और शहर में 10 अलग-अलग पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।







