UP Health News : उत्तर प्रदेश में बदलते मौसम के बीच एक बार फिर सेहत को लेकर चिंता बढ़ाने वाली खबर आई है। प्रदेश में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। राज्य के 57 जिलों में अब तक 551 से अधिक मरीज मिल चुके हैं, जिसने स्वास्थ्य विभाग के हाथ-पांव फुला दिए हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित पश्चिमी यूपी के जिले हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के सभी 75 जिलों में निगरानी बढ़ा दी गई है और अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
गौतमबुद्ध नगर में बिगड़े हालात, डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में स्वाइन फ्लू का प्रकोप सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। गौतमबुद्ध नगर में बीते 48 घंटों में 19 नए मरीज मिलने के बाद कुल मामलों की संख्या 209 पहुंच गई है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने आईसीयू (ICU) में तैनात डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की छुट्टियां तक रद्द कर दी हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी भी मरीज की हालत ज्यादा गंभीर नहीं बताई जा रही है।
राजधानी लखनऊ और पश्चिमी यूपी में बढ़ी सतर्कता
लखनऊ में भी मंगलवार को H1N1 के चार नए मरीज सामने आए, जिसके बाद शहर में कुल संक्रमितों की संख्या 17 हो गई है। वहीं हापुड़ में संक्रमण से एक मरीज की मौत की दुखद खबर के बाद आसपास के जिलों में खौफ का माहौल है। मेरठ मेडिकल कॉलेज में मरीजों के इलाज के लिए 20 बेड का स्पेशल आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। इसके अलावा गाजियाबाद में भी पिछले 10 दिनों के भीतर स्वाइन फ्लू के नौ नए मरीज पाए गए हैं।
पूर्वांचल के जिलों में भी पहुंची H1N1 की आहट
स्वाइन फ्लू का असर केवल पश्चिमी यूपी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूर्वांचल के जिलों में भी इसके मामले दर्ज किए जा रहे हैं। वाराणसी में चार मरीजों में H1N1 की पुष्टि हुई है, जिसके बाद वहां ट्रेसिंग बढ़ा दी गई है। वहीं प्रयागराज में एक महिला के संक्रमित मिलने के बाद उसे एसआरएन (SRN) अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है।
अस्पतालों में अलग ओपीडी और आइसोलेशन वार्ड की तैयारी
बढ़ते मामलों को देखते हुए उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने सभी 75 जिलों के आला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की है। सरकार ने निर्देश जारी किए हैं कि जिन जिलों में मामले ज्यादा हैं, वहां मरीजों के लिए अलग ओपीडी (OPD) शुरू की जाए। सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं, जांच किट, आइसोलेशन बेड और वेंटिलेटर जैसे जीवनरक्षक उपकरण तैयार रखने के आदेश दिए गए हैं।
पहचानिए स्वाइन फ्लू के लक्षण और बरिए सावधानी
स्वाइन फ्लू से डरने के बजाय सही समय पर इसकी पहचान करना जरूरी है। इसमें सामान्य तौर पर तेज बुखार आना, लगातार खांसी, गले में खराश या दर्द, सिरदर्द, शरीर में ऐंठन और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण महसूस होते हैं। अगर किसी को सांस लेने में तकलीफ हो रही हो या हालत बिगड़ती दिखे, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।







