Nepal Violence : भारत से सटे नेपाल के सुनसारी जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां दो समुदायों के बीच विवाद के बाद हिंसा भड़क गई, जिसमें एक युवक की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद प्रशासन ने हालात को नियंत्रित करने के लिए प्रभावित इलाकों में पाबंदियां लागू कर दी हैं। यह मामला उस समय सामने आया जब अलग-अलग धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान लाउडस्पीकर और धार्मिक झंडे लगाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते कहासुनी ने हिंसा का रूप ले लिया।
नेपाल सुनसारी हिंसा के बाद प्रशासन ने उठाए कदम
नेपाल सुनसारी हिंसा के बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई इलाकों में अनिश्चितकालीन पाबंदियां लगा दी हैं। अधिकारियों के अनुसार, ये प्रतिबंध सोमवार सुबह 7 बजे से लागू किए गए। सुनसारी जिला प्रशासन कार्यालय ने बताया कि कोशी प्रांत के पांच बाजार क्षेत्रों में यह व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि अगले आदेश तक ये पाबंदियां जारी रहेंगी।
इन प्रतिबंधों के तहत प्रभावित क्षेत्रों में चार से ज्यादा लोगों के एक साथ इकट्ठा होने, सार्वजनिक बैठक करने, प्रदर्शन और धरना देने पर रोक लगाई गई है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
पुलिस के अनुसार, घटना रविवार रात देवगंज ग्रामीण नगर पालिका के कप्तानगंज इलाके में हुई। यहां दो धार्मिक समुदायों के लोग अपने-अपने कार्यक्रम आयोजित कर रहे थे। इसी दौरान लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और धार्मिक झंडे लगाने को लेकर दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। शुरुआत में विवाद बातचीत तक सीमित था, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति बिगड़ गई और दोनों पक्षों के बीच झड़प शुरू हो गई। मामला बढ़ने के बाद सुरक्षा बलों को मौके पर बुलाया गया ताकि हालात को काबू में किया जा सके। इस नेपाल सांप्रदायिक झड़प के दौरान सुरक्षा बलों को स्थिति संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस के मुताबिक, हालात नियंत्रित करने की कोशिश के दौरान हुई कार्रवाई में 24 वर्षीय ओम प्रकाश मेहता की मौत हो गई। वहीं, इस घटना में सुरक्षाकर्मियों सहित एक दर्जन से ज्यादा लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों का इलाज कराया जा रहा है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
सुनसारी जिला भारत सीमा से सटा इलाका है
सुनसारी जिला नेपाल के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित है और इसकी सीमा भारत के बिहार राज्य से लगती है। यह इलाका दोनों देशों के बीच व्यापार और आवागमन के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
भारत-नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों में ऐसी घटनाओं को प्रशासन गंभीरता से लेता है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में लोगों का रोजाना आना-जाना होता है। प्रशासन ने पाबंदियों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। नियम तोड़ने वालों पर 500 नेपाली रुपये का जुर्माना, एक महीने तक की जेल या दोनों की सजा हो सकती है।
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