Speed Post New Rules : अगर आप अक्सर डाक के जरिए जरूरी कागजात या सामान भेजते हैं, तो आपके लिए यह खबर काम की है। डाक विभाग नए नियम के तहत अब पहली बार Document की स्पष्ट परिभाषा तय की गई है। भारतीय डाक ने बताया है कि किन चीजों को दस्तावेज माना जाएगा और किन सामानों को Parcel कैटेगरी में रखा जाएगा। इस बदलाव का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो स्पीड पोस्ट के जरिए बैंकिंग दस्तावेज, सरकारी कागजात या अन्य जरूरी सामान भेजते हैं। इसके साथ ही डाक विभाग ने Speed Post 24 और Speed Post 48 सर्विस के नए रेट भी जारी कर दिए हैं।
Document Category में किन चीजों को रखा गया है?
डाक विभाग की नई गाइडलाइन के अनुसार, अब कई जरूरी कागजातों को Document Category में शामिल किया गया है। इनमें बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर से जुड़े दस्तावेज जैसे वेलकम किट, लेटर, पासबुक, चेक बुक, बैंक डिटेल्स और प्लास्टिक कार्ड शामिल हैं।
इसके अलावा डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पैन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे सरकारी दस्तावेज भी इसी श्रेणी में रखे जाएंगे।
वहीं, राखी के लिफाफे या पैकेट और ग्रीटिंग कार्ड जैसे 500 ग्राम तक के नॉन-कमर्शियल सामान को भी Document Category में शामिल किया गया है। इन चीजों की कोई रीसेल वैल्यू नहीं होती, इसलिए इन्हें कम फीस वाली कैटेगरी में रखा गया है।
इनके अलावा बाकी सभी सामानों को Parcel Category के तहत भेजा जाएगा।
Speed Post 24 और Speed Post 48 सर्विस क्या है?
भारतीय डाक ने ग्राहकों की सुविधा के लिए तेज डिलीवरी वाली सेवाएं शुरू की हैं। इनमें Speed Post 24 और Speed Post 48 मुख्य हैं।
Speed Post 24 सर्विस के तहत भेजे गए सामान को 24 घंटे के अंदर पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, Speed Post 48 में डिलीवरी का समय 48 घंटे तक तय किया गया है।
हालांकि, अभी ये दोनों सेवाएं देश के सभी हिस्सों में उपलब्ध नहीं हैं। फिलहाल इनका संचालन सिर्फ 6 बड़े शहरों में किया जा रहा है। इनमें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद शामिल हैं।
खुदरा ग्राहकों के लिए Speed Post Charges
खुदरा यानी सामान्य ग्राहकों के लिए मौजूदा दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। Speed Post Charges वजन और दूरी के आधार पर तय किए जाएंगे।
Speed Post 24 के लिए खुदरा ग्राहकों को 38 रुपये से 186 रुपये प्रति पैकेट तक शुल्क देना होगा। 50 ग्राम तक के पैकेट के लिए लोकल पोस्टेज फीस 38 रुपये होगी, जबकि देशभर में भेजने पर यह शुल्क 94 रुपये तक होगा। इसमें जीएसटी अलग से जोड़ा जाएगा।
51 ग्राम से 250 ग्राम तक के पैकेट के लिए शुल्क 118 रुपये से 154 रुपये के बीच रहेगा। वहीं, 251 ग्राम से 500 ग्राम तक के पैकेट के लिए 140 रुपये से 186 रुपये तक शुल्क तय किया गया है।
थोक ग्राहकों के लिए नई फीस
बड़े पैमाने पर डाक भेजने वाले यानी थोक ग्राहकों के लिए भी नए रेट जारी किए गए हैं। Speed Post 24 के तहत थोक ग्राहकों को 38 रुपये से 100 रुपये तक शुल्क देना होगा।
वहीं, Speed Post 48 सर्विस के लिए थोक ग्राहकों की फीस 48 रुपये से 72 रुपये के बीच तय की गई है।
इसके अलावा खुदरा ग्राहकों के लिए Speed Post 48 का शुल्क वजन और दूरी के आधार पर 61 रुपये से 121 रुपये प्रति पैकेट तक रहेगा।
ग्राहकों को क्या फायदा मिलेगा?
डाक विभाग के इस फैसले से ग्राहकों को यह समझने में आसानी होगी कि उनका सामान किस कैटेगरी में आएगा। Document और Parcel को अलग-अलग करने से शुल्क तय करने की प्रक्रिया भी ज्यादा साफ हो जाएगी।
जरूरी दस्तावेज भेजने वाले लोगों को कम शुल्क में बेहतर सुविधा मिल सकती है, वहीं पार्सल भेजने वालों के लिए भी नियम ज्यादा स्पष्ट हो जाएंगे।
डाक विभाग नए नियम के तहत Document और Parcel की कैटेगरी को स्पष्ट कर दिया गया है। इसके साथ ही Speed Post 24 और Speed Post 48 जैसी तेज डिलीवरी सेवाओं के रेट भी तय किए गए हैं। यह बदलाव ग्राहकों के लिए डाक सेवाओं को ज्यादा आसान और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।







