Commonwealth Games: 34 की उम्र में ट्रेनिंग, घर तक बेचा… अब Sharmila Dhankhar ने भारत को दिलाया गोल्ड, Shilpa को मिला ब्रॉन्ज

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Commonwealth Games से भारत के लिए एक बेहद अच्छी खबर सामने आई है। हरियाणा की शर्मिला धनखड़ (Sharmila Dhankhar) ने महिलाओं के पैरा शॉट पुट F57 इवेंट में देश को गोल्ड मेडल दिलाया है। उन्होंने 9.81 मीटर का अपना सीजन बेस्ट थ्रो करते हुए यह शानदार सफलता हासिल की। मौजूदा खेलों में भारत का यह दूसरा गोल्ड मेडल है। इससे पहले वेटलिफ्टिंग में मीरा बाई चानू ने 48 किलोग्राम वर्ग में देश को पहला गोल्ड दिलाया था। इतना ही नहीं, इसी स्पर्धा में भारत की शिल्पा के. शायला ने भी ब्रॉन्ज मेडल जीतकर खुशी को दोगुना कर दिया।

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Sharmila Dhankhar की सालों की मेहनत

शर्मिला धनखड़ की यह जीत सिर्फ एक मेडल नहीं, बल्कि उनकी सालों की मेहनत और कड़े संघर्ष की कहानी है। वह हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के चित्रौली गांव से ताल्लुक रखती हैं। महज 2 साल की उम्र में पोलियो होने के कारण उनका एक पैर प्रभावित हो गया था। पिता छोटे किसान थे और मां दृष्टिबाधित हैं, जिसके चलते उनका बेहतर इलाज नहीं हो पाया। कम उम्र में शादी और आर्थिक तंगी जैसी कई रुकावटें उनके सामने आईं।

34 साल की उम्र में उन्होंने कोच टेकचंद और देवेंद्र की देखरेख में F57 कैटेगरी में सीटेड शॉट पुट की ट्रेनिंग शुरू की। खेल के प्रति उनका जुनून इतना पक्का था कि साल 2023 में ट्रेनिंग का खर्च उठाने के लिए उन्होंने अपना घर तक बेच दिया। इसके बाद पूरा परिवार किराए के मकान में रहने लगा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

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शिल्पा के. शायला 

इसी इवेंट में भारत की शिल्पा के. शायला ने ब्रॉन्ज मेडल जीता, लेकिन उनका यह पदक काफी नाटकीय घटनाक्रम के बाद पक्का हुआ। शिल्पा ने 7.26 मीटर का थ्रो कर अपना पर्सनल बेस्ट दिया था, पर शुरुआती नतीजों में वह चौथे स्थान पर थीं और नाइजीरिया की खिलाड़ी को ब्रॉन्ज दिया गया था।

भारतीय दल की आपत्ति के बाद जब थ्रो की दोबारा जांच हुई, तो नाइजीरियाई एथलीट का थ्रो फाउल पाया गया। इसके बाद संशोधित नतीजों में शिल्पा को ब्रॉन्ज मेडल दे दिया गया। फैसला सुनते ही शिल्पा भावुक हो गईं और उन्होंने शर्मिला के साथ मिलकर अपनी इस खुशी को साझा किया।

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पैरा शॉट पुट F57

पैरा खेलों में अलग-अलग श्रेणियों के हिसाब से एथलीट्स का चयन होता है। F57 कैटेगरी में उन पैरा खिलाड़ियों को शामिल किया जाता है, जिनके निचले अंग प्रभावित होते हैं या जिनकी मांसपेशियों की ताकत सामान्य से कम होती है।

अन्य मुकाबलों की बात करें तो हाई जंप में सर्वेश कुशारे और वेटलिफ्टिंग (79 kg) में अजय बाबू ने सिल्वर मेडल हासिल किया। इसके अलावा बिंदियारानी देवी ने 58 kg में ब्रॉन्ज और ज्ञानेश्वरी यादव ने 53 kg वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। इन नए पदकों के साथ भारत मेडल टैली में कुल 10 मेडल लेकर आठवें स्थान पर पहुंच गया है। ऑस्ट्रेलिया 26 गोल्ड समेत 59 मेडल के साथ टॉप पर बना हुआ है।

यह भी पढ़ें: Glasgow Commonwealth Games: Raja Muthupandi ने वेटलिफ्टिंग में जीता रजत पदक, PM Modi ने दी बधाई

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