J&K Terrorist Attack: दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। लाल चौक इलाके में कोकेरनाग रोड पर गश्त कर रहे पुलिस दल पर आतंकियों ने हमला कर दिया। इस कायरतापूर्ण हमले में गंभीर रूप से घायल हुए पुलिस जवान, हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश की लहर है। पुलिस और सुरक्षा बलों की टीमों ने इलाके की घेराबंदी कर हमलावर आतंकियों की तलाश तेज कर दी है।
गश्त के दौरान अचानक हुई अंधाधुंध गोलीबारी
घटना के बारे में मिली जानकारी के अनुसार, हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन लाल चौक के पास अपनी नियमित ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान एक गाड़ी में सवार होकर आए अज्ञात आतंकियों ने उन्हें निशाना बनाते हुए अचानक अंधाधुंध गोलियां चला दीं।
गोलियां लगते ही आशिक हुसैन वहीं गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े, जबकि हमलावर घटना को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। वहां मौजूद साथी जवानों और स्थानीय लोगों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए उन्हें इलाज के लिए पास के जीएमसी अनंतनाग अस्पताल पहुंचाया।
डॉक्टरों की कोशिशों के बाद भी नहीं बच सकी जान
जीएमसी अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने हेड कांस्टेबल की जान बचाने की पूरी कोशिश की। हालांकि, चोटें बहुत गहरी और गंभीर होने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
35 वर्षीय शहीद हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन बड़गाम जिले के बीरू इलाके के रहने वाले थे। वे IRP 3rd बटालियन में तैनात थे। उनकी शहादत की खबर पहुंचते ही उनके पैतृक गांव और पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है।
हमलावरों की तलाश में इलाके की घेराबंदी
हमले के तुरंत बाद सेना, सीआरपीएफ और पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियां मौके पर पहुंच गईं। पूरे लाल चौक और आसपास के प्रवेश मार्गों को सील कर दिया गया है।
सुरक्षा बलों द्वारा आसपास के इलाकों में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि हमलावरों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
आतंकी संगठन TRF ने ली हमले की जिम्मेदारी
इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली है। टीआरएफ ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर इस घटना की जिम्मेदारी का दावा किया है। सुरक्षा एजेंसियां इस दावे की जांच कर रही हैं और हमले के पीछे मौजूद नेटवर्क का पता लगा रही हैं।
आपको बता दें कि TRF पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ही एक प्रॉक्सी विंग है, जो 2019 के बाद से घाटी में सक्रिय हुआ था। भारत सरकार ने इसे जनवरी 2023 में यूएएपीए (UAPA) के तहत प्रतिबंधित संगठन घोषित किया था। फिलहाल पूरे दक्षिण कश्मीर में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
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