Agriculture Ministry review meeting: खरीफ फसलों की बुवाई और मानसून की स्थिति पर बड़ा मंथन

Agriculture Ministry review meeting

Share This Article

Agriculture Ministry review meeting: देश भर में मानसून के आगमन के साथ ही खेतों में खरीफ फसलों की बुवाई का काम तेजी से चल रहा है। इसी सिलसिले में नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देश में खरीफ फसलों की स्थिति, बारिश का आंकड़ा, एल नीनो के असर और किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता की जमीनी हकीकत को समझना था।  

कृषि मंत्रालय की इस बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मौसम की अनिश्चितता के बीच किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो। आइए आसान भाषा में जानते हैं कि इस महत्वपूर्ण बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई और क्या निर्णय लिए गए।

658 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में हुई बुवाई

बैठक के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, 17 जुलाई तक देश भर में कुल 658.19 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई पूरी हो चुकी है। यद्यपि पिछले वर्ष की तुलना में कुल रकबे में थोड़ी कमी देखी गई है, लेकिन धान, दलहन और अन्य आवश्यक फसलों के रकबे में कई राज्यों में सुधार दर्ज किया गया है।  

केंद्रीय मंत्री ने दलहन, तिलहन और कपास मिशन से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे राज्य सरकारों के साथ हर हफ्ते संवाद करें। उन्होंने कहा कि ग्राउंड लेवल से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर तुरंत कदम उठाए जाएं ताकि बुवाई की रफ्तार को और बढ़ाया जा सके।  

270 संवेदनशील जिलों पर रखी जा रही नजर  

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुमानों और एल नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए देश के 270 ऐसे जिलों की पहचान की गई है जहां बारिश सामान्य से कम रह सकती है। बैठक में उपग्रह तस्वीरों और एनडीवीआई (NDVI) जैसे वैज्ञानिक संकेतकों के जरिए फसलों की स्थिति का विस्तृत जायजा लिया गया।   

सरकार का ध्यान इस बात पर है कि कम बारिश की स्थिति में भी बैकअप प्लान तैयार रखा जाए। इसके लिए किसानों को कम पानी वाली और कम समय में तैयार होने वाली वैकल्पिक फसलों की खेती के संबंध में जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है।

यह भी पढ़ें: Etawah expressway junction: यूपी में बनेगा राज्य का पहला 3 एक्सप्रेसवे हब, 12 जिलों की सड़क कनेक्टिविटी होगी मजबूत

मानसून का पूरे देश में विस्तार और बारिश का आंकड़ा

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 9 जुलाई तक राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों को कवर करते हुए पूरे देश में अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी। सामान्य तौर पर मानसून 8 जुलाई तक देश भर में पहुंचता है, यानी इस बार केवल एक दिन का अंतर रहा। हालांकि, 1 जून से 15 जुलाई के बीच देशभर में औसत बारिश सामान्य से लगभग 23 प्रतिशत कम रही है। पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में बारिश में कमी दर्ज की गई है। आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने से इस कमी के पूरे होने की उम्मीद जताई जा रही है। 

खाद और बीजों की आपूर्ति पर विशेष ध्यान

किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि यूरिया समेत सभी प्रमुख उर्वरकों और बीजों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए कि कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के जरिए जमीनी स्तर पर आपूर्ति की नियमित जांच की जाए ताकि कहीं भी कालाबाजारी या किल्लत जैसी स्थिति न उत्पन्न हो।

संक्षेप में कहें तो, मौसम की चुनौतियों के बावजूद केंद्र सरकार खरीफ सीजन में बेहतर पैदावार के लिए पूरी तैयारी कर रही है ताकि देश के अन्नदाताओं को हर संभव सहायता दी जा सके।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

[democracy id="2"]

Also Read This