President Droupadi Murmu Moldova Visit: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु यूरोपीय देशों की अपनी राजकीय यात्रा के पहले चरण में सोमवार को Moldova पहुंचीं। किसी भी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष की यह पहली मोल्दोवा यात्रा है। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में आपसी संबंधों को और बेहतर बनाना है।
चिशिनाउ हवाई अड्डे पर हुआ औपचारिक स्वागत
चिशिनाउ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Chisinau) पर पहुंचने पर मोल्दोवा (Moldova) के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मिहाई पोपसोई ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की अगवानी की। हवाई अड्डे से वे सीधे अपने तय कार्यक्रमों के लिए रवाना हुईं। इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू मोल्दोवा की राष्ट्रपति माया सैंडू के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगी। वे मोल्दोवा की संसद के अध्यक्ष इगोर ग्रोसू से भी मुलाकात करेंगी। इसके अलावा वे मोल्दोवा-भारत संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों से चर्चा करेंगी, एक बिजनेस फोरम को संबोधित करेंगी और वहां रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से बात करेंगी।
पूर्वी यूरोप में मोल्दोवा की भौगोलिक स्थिति
Moldova पूर्वी यूरोप में स्थित एक छोटा सा भू-आबद्ध (Landlocked) देश है, जिसका कुल क्षेत्रफल लगभग 33,846 वर्ग किलोमीटर है। यह पश्चिम में रोमानिया और बाकी दिशाओं में यूक्रेन से घिरा हुआ है। वर्तमान में मोल्दोवा में लगभग 2,000 भारतीय नागरिक रह रहे हैं, जिनमें करीब 1,800 छात्र हैं जो वहां मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। इस वजह से वहां भारतीय छात्र समुदाय विदेशी विद्यार्थियों में सबसे बड़े समूहों में से एक माना जाता है।
जानिए राष्ट्रपति के दौरे का पूरा शेड्यूल
Moldova का एक दिवसीय दौरा पूरा करने के बाद राष्ट्रपति मुर्मु 21 और 22 जुलाई को उत्तरी मैसेडोनिया की यात्रा करेंगी। यह भी किसी भारतीय राष्ट्रपति का वहां पहला दौरा होगा। इसके बाद अपने तीन देशों के दौरे के अंतिम चरण में वे 23 से 25 जुलाई तक रोमानिया में रहेंगी। रोमानिया के राष्ट्रपति निकुसोर डैन के निमंत्रण पर हो रही यह यात्रा तीन दशकों से भी अधिक समय बाद किसी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष का वहां पहला दौरा है।
राष्ट्रपति के साथ इस दौरे पर आए आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभानिया, राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा और लोकसभा सांसद विजय बघेल शामिल हैं। यह यात्रा पूर्वी यूरोपीय देशों के साथ भारत की बढ़ती कूटनीतिक साझेदारी को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
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