Parliament monsoon session 2026: देश की राजनीति और कानून व्यवस्था के लिहाज से आने वाले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं। संसद का मॉनसून सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है और इस बार सरकार के पास कामकाज की एक लंबी सूची तैयार है। इस सत्र में सरकार कई बड़े और जरूरी बदलावों वाले विधेयकों को पटल पर रखने वाली है। इस बार का एजेंडा सिर्फ नए कानून बनाना ही नहीं, बल्कि पुराने नियमों को आज के हिसाब से दुरुस्त करना भी है।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की तैयारी
इस सत्र के सबसे महत्वपूर्ण एजेंडे में शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा एक बड़ा कदम शामिल है। सदन में विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक पर इस बार विस्तार से चर्चा होनी है। दरअसल, इस बिल पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) अपनी रिपोर्ट लोकसभा में पेश करने वाली है। इसके बाद सरकार इस पर चर्चा कराकर इसे इसी सत्र में पास कराने की पूरी कोशिश करेगी, जिससे उच्च शिक्षा के स्तर में सुधार लाया जा सके।
टैक्स और अदालती नियमों में बदलाव
सत्र के दौरान आर्थिक और कानूनी मोर्चे पर भी बड़े फैसले देखने को मिलेंगे, क्योंकि आयकर (संशोधन) बिल भी होगा पेश। सरकार इसे हाल ही में जारी किए गए एक अध्यादेश की जगह पर लेकर आ रही है। इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के जजों की संख्या बढ़ाने से जुड़ा एक और अहम संशोधन विधेयक भी इसी सत्र में पारित कराने का प्लान है, ताकि अदालतों पर बढ़ते मुकदमों के बोझ को कम किया जा सके।
आम जनता से जुड़े नियमों का आधुनिकीकरण
प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सरकार जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक को भी संसद में पेश करने जा रही है। इस कानून में बदलाव होने से आम नागरिकों के लिए जरूरी प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया और डिजिटल रिकॉर्ड (digital record) रखना काफी आसान हो जाएगा। इसके अलावा, राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा बनाए रखने के लिए एक विशेष संशोधन बिल और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए MSME विकास संशोधन बिल भी पेश किया जाएगा। इस बार कहा जा सकता है कि यह सत्र काफी गहमागहमी भरा रहने वाला है।
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